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आईएनएक्स मीडिया मामला : सीबीआई ने चिदंबरम का नीति आयोग की पूर्व सीईओ से आमना-सामना कराया

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नीति आयोग की पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर से आमना-सामना कराया है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यूटी (केंद्रशासित प्रदेश) कैडर की 1975 बैच की आईएएस अधिकारी खुल्लर उस समय वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थीं जब आईएनएक्स मीडिया से संबंधित घटनाक्रम कथित तौर पर हुए थे।

रिकार्ड के अनुसार वह 11 अप्रैल 2007 से 11 सितंबर 2008 के बीच आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव थीं। उन्हें विभाग में विशेष सचिव के रूप में प्रोन्नत किया गया और वह उस पद पर 12 सितंबर 2008 से दो नवंबर 2008 तक रहीं।

खुल्लर 2015 में नीति आयोग की पहली सीईओ नियुक्त की गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि वह (खुल्लर) सुबह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यालय पहुंचीं, लेकिन पूछताछ पूरी नहीं हो सकी क्योंकि चिदंबरम को विशेष अदालत में पेश किया जाना था। 

खुल्लर ने पूछताछ के संबंध में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने फोन पर पीटीआई से कहा, ‘‘ नो कमेंट्स।’’ सीबीआई ने मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अनुमति मांगी है।

एजेंसी का आरोप है कि विदेशी निवेश के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी देने में अनियमितताएं हुई थीं। सीबीआई ने चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था।इस बीच, विशेष अदालत ने चिदंबरम की सीबीआई हिरासत 30 अगस्त तक बढ़ा दी।

INX मीडिया केस में गिरफ्तार पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम दिल्ली हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद 26 अगस्त को देश की सर्वोच्च अदालत पहुंचे थे। मगर यहां भी उनको राहत नहीं मिली। चिदंबरम ने हाईकोर्ट के जमानत नहीं देने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी। मगर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया। भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप झेल चिदंबरम की मुश्किल यहीं थमने का नाम नहीं ले रही, क्योंकि सीबीआई के बाद अब ED यानी इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट भी चिदंबरम पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है।

बता दें ED यानी इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने भी पी चिदंबरम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक नया हलफनामा दाखिल किया।  इस हलफनामे के जरिए ED ने दावा किया कि 12 देशों में पी.चिदंबरम की संपत्ति फैली है। ED के मुताबिक चिदंबरम की ऑस्ट्रिया, अर्जेंटीना, फ्रांस, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, मलेशिया, मोनाको, ग्रीस, फिलीपींस, श्रीलंका, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका और स्पेन में संपत्ति है। इसी हलफनामे में ED ने ये भी दावा किया कि विदेश में चिदंबरम के 17 बेनामी बैंक खाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के सामने ED ने दावा किया कि INX मीडिया केस में बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग हुई। ED के मुताबिक चिदंबरम ने अपने करीबी विश्वासपात्रों और आरोपियों के साथ मिलकर भारत और विदेश में शेल कंपनियों का जाल बनाया। इसके अलावा ये भी दावा किया गया कि शेल कंपनियों का संचालन करने वाले लोग चिदंबरम के संपर्क में हैं और एजेंसी के पास इसके सबूत हैं। ED ने ये भी दावा किया कि उसके पास अपने दावों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। ED ने ये भी दलील दी कि 3 बार हुई पूछताछ के दौरान पी चिदंबरम ने कोई सहयोग नहीं किया।  इसलिए चिदंबरम को कस्टडी में लेकर उनसे पूछताछ करना जरूरी है। हालांकि इस मामले में सुनवाई कल भी जारी रहेगी। तबतक सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक जारी रखने का फैसला लिया।

(इनपुट-भाषा से भी)

 

 

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