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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश - 10 दिन में पूरी हो जांच, अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारिख तय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

देश की सबसे बड़ी जांच एंजेसी सीबीआई में मचे दंगल पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया . सुप्रीम कोर्ट ने अभी के मामले की जांच का आदेश दिया है. ये जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में सीवीसी करेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब केंद्र की मोद सरकार का बयान आया है. 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सकारात्मक बताया है. उन्होंने कहा कि सीबीआई विवाद में सच्चाई का बाहर आना देश के हित में जरूरी है . सीबीआई में हाल में हुए घटनाक्रम से उसकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है . साथ ही उन्होंने कहा कि सरकरा ने इस पूरे मामले में जो कदम उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन्हें ही बल देता है.

सप्रीम कोर्ट ने क्या कहा..

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई शुरू की जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उनके अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजने के आदेश को चुनौती दी है .इस दौरान वरिष्ठ वकील एफ एस नरीमन ने सीबीआई प्रमुख की ओर से दलीलें देनी शुरू की . नरीमन ने पीठ से कहा कि सीबीआई निदेशक की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सीजीआई के पैनल वाली चयन समिति की मंजूरी से की गई . 

नरीमन ने सीवीसी और केंद्र सरकार द्वारा वर्मा के अधिकार छीनने का हवाला दिया . उन्होंने वर्मा की याचिका के पक्ष में विनीत नारायण के फैसले का भी हवाला दिया.  उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आरोप और प्रत्यारोपों पर सीवीसी की जांच अदालत की निगरानी में 10 दिन के भीतर पूरी की जानी चाहिए. 

इसपर जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा केंद्र सरकार और सीबीआई सीवीसी की सीलबंद रिपोर्ट 10 दिन के भीतर अदालत में पेश करेंगे . सीवीसी ने कहा कि सीबीआई मामले की जांच के लिए 10 दिन पर्याप्त नहीं है क्योंकि उसे कई दस्तावेज देखने हैं .

सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा और एनजीओ कॉमन कॉज की याचिकाओं पर सीबीआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया .  

शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ए के पटनायक सीवीसी जांच की निगरानी करेंगे . सुप्रीम कोर्ट ने कहा सीबीआई के अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव कोई भी प्रमुख नीतिगत फैसला नहीं लेंगे.

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राव के द्वारा 23 अक्टूबर तक लिया गया कोई फैसला लागू नहीं होगा और इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. राव के द्वारा लिए गए अब तक के सभी फैसलों को सीलबंद लिफाफे में न्यायालय के सामने पेश किया जाए: उच्चतम न्यायालय.

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सीबीआई विवाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश को ‘अत्यंत सकारात्मक घटनाक्रम’ करार दिया है .

इस फैसले पर कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश उन तानाशाहों के चेहरे पर तमाचा है जो सीबीआई की आजादी को पूरी तरह खत्म करना चाहते थे, केंद्रीय सतर्कता आयोग सरकार की कठपुतली के रूप में काम नहीं कर सकता .  

( इनपुट - भाषा से भी )

 

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