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CBI को लेकर कोलकाता में 'हाई वोल्टेज ड्रामा', ममता 'दीदी' के समर्थन में उतरा विपक्षी खेमा

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

रविवार की शाम पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा उस वक्त देखने को मिला जब केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 5 अधिकारी रोज वैली और सारदा चिटफंड स्कैम के सिलसिले में पूछताछ के कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचे। जिसके बाद कोलकाता पुलिस सीबीआई अफसरों को ही हिरासत में लेकर के थाने ले गई।

पश्चिम बंगाल रोजाना ऐसा ड्रामा देखने को मिल ही जाता है। कभी अमित शाह और सीएम योगी का विमान उतरने पर पाबंदी लगाई जाती है तो कभी सीबीआई पर शिकंजा कसने का काम.. लेकिन ममता सरकार के गढ़ में हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद विपक्षी पार्टियों ने एकजुटता दिखानी शुरू कर दी है।

कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना समर्थन दिया। वह चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से सीबीआई की पूछताछ के प्रयास के खिलाफ धरने पर बैठी हैं। विपक्ष ने सीबीआई को ‘भाजपा का गठबंधन सहयोगी’ बताया। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बनर्जी से फोन पर बात की और उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और यह फासीवादी ताकतों को हराएगा। 

राहुल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का घटनाक्रम भारत की संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के निरंतर हमलों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर ममता के साथ है।

कांग्रेस ने कहा कि कोलकाता में सीबीआई की कार्रवाई स्पष्ट तौर पर शक्ति का गलत इस्तेमाल करने और संघीय राजनीति पर ‘हमला’ करने जैसा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह द्वारा सार्वजनिक तौर पर दी गई ‘धमकी’ के 48 घंटे के भीतर आया है।

वहीं पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि बनर्जी को लेकर नरेंद्र मोदी और शाह की दुर्भावना काफी जहरीली है। भाजपा और नरेंद्र मोदी राज्य में विवाद पैदा करने के लिए बेचैन हैं। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘ममता दीदी से बात की और अपनी एकजुटता जाहिर की। मोदी-शाह दोनों की कार्रवाई पूरी तरह से अजीब और अलोकतांत्रिक है।’’

इसके साथ ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी ट्वीट कर के ममता बनर्जी का समर्थन किया है। और कहा है कि हम उनके साथ खड़े हैं।

RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद भी तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के समर्थन में आए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि देश में संविधान और संवैधानिक संस्थाएं ‘अप्रत्याशित संकट’ का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में गृह युद्ध पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें, लालू यादव अभी जेल में हैं और उनका ट्विटर हैंडल कोई करीबी चलाता है। 

वहीं तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘ भाजपा के दबाव में सीबीआई द्वारा पिछले कुछ महीने में लिए गए राजनीतिक फैसलों को देखते हुए राज्य सरकारें इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर है। अगर सीबीआई भाजपा की गठबंधन सहयोगी की तरह काम करना जारी रखेगी तो उसे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी लोकतंत्र में जनता से ऊपर नहीं है।' 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को अपना समर्थन देते हुए राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने ट्वीट किया, 'यह स्तब्ध कर देने वाला है कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार इस हद तक जा सकती है। यह संघीय ढांचे पर हमला है।'

नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडे के तौर पर एजेंसी का इस्तेमाल करना सभी हदों को पार करना है।

कोलकाता में धरना स्थल पर ममता ने कहा कि कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने उन्हें फोन करके ‘‘संविधान की रक्षा’’ की उनकी लड़ाई में अपना समर्थन और अपनी एकजुटता व्यक्त की है। 

ममता ने कहा, ‘‘अखिलेश यादव (सपा), तेजस्वी यादव (राजद), चंद्रबाबू नायडू (तेदेपा), उमर अब्दुल्ला (नेकां), अहमद पटेल (कांग्रेस) एवं एम के स्टालिन (द्रमुक) ने मुझे फोन करके अपनी एकजुटता एवं अपना समर्थन व्यक्त किया।’’

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