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आलोक वर्मा को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाने पर कांग्रेस मचा रही है हायतौबा : भाजपा

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

नयी दिल्ली- भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटाये जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार पर किये गये हमले पर पलटवार करते हुए भाजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि आपसी लड़ाई में टांग अड़ाकर इस केंद्रीय एजेंसी को पंगु बना देने के अपने मकसद में नाकाम रहने के बाद विपक्षी दल अब हायतौबा मचा रहा है.

उच्चतम न्यायलय ने मंगलवार को इस शर्त के साथ सीबीआई निदेशक पद पर वर्मा की बहाली कर दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति एक हफ्ते में उनके पद पर बने रहने के बारे में निर्णय लेगी.

कांग्रेस ने दावा किया कि वर्मा को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का मौका दिये बगैर ही हटा दिया गया. उसने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जांच से बहुत डरे हुए हैं. उसका इशारा राफेल सौदे की जांच की मांग की ओर था.

भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, ‘‘हारने के बाद कांग्रेस हायतौबा मचा रही है. वह आपसी लड़ाई में टांग अड़ाकर सीबीआई को पंगु बनाने में विफल रहने के बाद अब मातम मना रही है. लंबित रह गयी एक मात्र जांच ‘एक परिवार’ की है जिसे विभिन्न रक्षा सौदों में ‘मामा क्रिश्चयन मिशेल’ से रिश्वत मिली. राहुल गांधी का झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया है.’’ 

भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने ट्वीट किया, ‘‘बेशर्म कांग्रेस फिर झूठ बोल रही है. तथ्य यह है कि 1. श्री वर्मा को उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति (सेवानिवृति) पटनायक की उपस्थिति में सीवीसी के सामने अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. 2. उच्चतम न्यायालय ने सीवीसी की रिपोर्ट की प्रति वर्मा के वकील को दी थी. ’’ 

लोकसभा में कांग्रेस के नेता पर प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, ‘‘वाकई श्री मल्लिकार्जुन खड़गे गजब एकरुपता के व्यक्ति हैं. जब श्री आलोक वर्मा को चयन समिति ने सीबीआई प्रमुख नियुक्त किया था तब उन्होंने असहमति प्रकट की थी. अब जब श्री आलोक वर्मा को उसी चयन समिति ने हटाया तो भी उन्होंने असहमति प्रकट की।’’ 

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