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कैप्टन तान्या शेरगिल: थलसेना दिवस पर परेड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

थलसेना की सिग्नल कोर में तैनात कैप्टन तान्या शेरगिल के नाम से आज हर कोई परिचित है क्योंकि सैन्य इतिहास में उनका नाम थलसेना दिवस पर सर्व पुरूष दस्ते का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी के रूप में दर्ज हो चुका है।

इतना ही नहीं, वह 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने वाले भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में भी सर्व पुरूष दस्ते का नेतृत्व करेंगी।

दिल्ली छावनी में करियप्पा परेड मैदान में 15 जनवरी को हुए मुख्य थलसेना दिवस समारोह में शेरगिल ने जब परेड एडजुटेंट के रूप में सर्व पुरुष दस्ते का नेतृत्व किया तो देश के सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय दर्ज हो गया। 72वें थलसेना दिवस समारोह के साथ ही शेरगिल के नाम से देश-दुनिया में हर कोई परिचित हो गया।

सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करने वालों की बाढ़ आ गई और उनके नेतृत्व वाली परेड का वीडियो दुनियाभर में देखा गया। लोगों ने ‘शेरगिल’ को ‘शेरनी’ करार दिया।

आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू ने उनका वीडियो साझा किया और महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने इसे इसे री-ट्वीट करते हुए कहा कि इसे देखकर उनके रोमांच के मारे 'रोंगटे खड़े हो गए।' उन्होंने शेरगिल को ‘‘सच्ची हस्ती’’ करार दिया।

कैप्टन शेरगिल सेना की सिग्नल कोर में तैनात हैं। 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में भी वही सैन्य परेड का नेतृत्व करेंगी।

यह महिला कैप्टन नागपुर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशंस में बीटेक हैं। वह मार्च 2017 में चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से सेना में शामिल हुई थीं।

गणतंत्र दिवस समारोह में उनसे पहले, पिछले साल कैप्टन भावना कस्तूरी ने सर्व पुरुष दस्ते का नेतृत्व किया था।

पंजाब में होशियारपुर के गढ़दीवाला कस्बे की निवासी तान्या शेरगिल अपने परिवार की चौथी पीढ़ी की सेना अधिकारी हैं।

उनका पूरा परिवार सेना में काम कर चुका है। उनके पिता सूरत सिंह शेरगिल 101 मीडियम रेंज (तोपखाना), दादा हरि सिंह 14वीं सशस्त्र रेजीमेंट (बख्तरबंद) और परदादा गंडा सिंह सिख रेजिमेंट में अपनी सेवा दे चुके हैं।

उनके परदादा ने प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लिया था। तान्या शेरगिल के पिता बाद में सीआरपीएफ से जुड़ गए थे जिन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

पांच फुट नौ इंच लंबी तान्या शेरगिल को भ्रमण, संगीत और फोटोग्राफी काफी पसंद है। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में 1-सिग्नल प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ हैं।

तान्या शेरगिल का जन्म 1993 में हुआ था। वह बचपन से ही मेधावी थीं और हमेशा अच्छे अंक प्राप्त करती थीं। उनकी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय मुंबई से हुई । मुंबई में वह अपनी गृहिणी मां लखविंदर कौर के साथ रहती थीं जबकि उनके पिता का निश्चित अंतराल पर तबादला होता रहता था।

बताया जाता है कि बचपन में उन्हें खिलौनों की जगह हथियार पसंद थे। सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर वायरल हुई है जिसमें उन्होंने अपने कंधे पर एक हथियार रखा हुआ है।

गणतंत्र दिवस परेड में सर्व पुरूष दस्ते का नेतृत्व करने जा रहीं तान्या शेरगिल ने थलसेना दिवस परेड में सर्व पुरूष दस्ते का नेतृत्व करने के बाद कहा था कि एक फौजी हमेशा फौजी होता है।

उनका कहना था, जब आप वर्दी पहन लेते हैं तो आप कोई स्त्री, पुरूष, हिंदू, मुसलमान, पंजाबी या मराठी नहीं, केवल एक फौजी होते हैं।

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