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‘कैफे कॉफी डे’ के संस्थापक सिद्धार्थ का शव मिला

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

‘कैफे कॉफी डे’ के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ का शव बुधवार को कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी से बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सिद्धार्थ सोमवार से लापता थे और 36 घंटों की गहन तलाश के बाद उनका शव बरामद हुआ।

उनका शव उल्लाल के निकट नदी किनारे आ गया था और स्थानीय मछुआरों ने उसे निकाला।

मेंगलुरु के विधायक यू टी खादर ने बताया कि मित्रों और संबंधियों ने इस बात की पुष्टि की है कि शव सिद्धार्थ का ही है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि शव सिद्धार्थ का प्रतीत होता है लेकिन अभी उनके परिवार से इसकी पुष्टि नहीं की गई हैं।

दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘एक शव मिला है जो उनका (सिद्धार्थ) प्रतीत होता है। परिवार को अभी इसकी अंतिम पुष्टि करनी है।’’ 

मेंगलुरु के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ, स्थानीय तट रक्षक पुलिस और मछुआरों की मदद से गहन तलाश के बाद एक शव मिला है। आगे की जांच जारी है। हमने उनके परिवार को सूचित कर दिया है। शव को आगे की औपचारिकताओं के लिए वेंगलॉक अस्पताल भेजा गया है।’’ 

कांग्रेस विधायक एवं सिद्धार्थ के मित्र टी डी राजगौड़ा ने कहा कि पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा। विधायक ने बताया कि सिद्धार्थ का शव उनके मूलस्थान चिक्कमेंगलुरु ले जाया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन के संस्थापक सिद्धार्थ सोमवार को संदेहास्पद परिस्थितियों में अचानक गायब हो गए थे। 

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता एस. एम. कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ की मौत पर नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कन्नड़ भाषा में ट्वीट किया, ‘‘मैं एस एम कृष्णा के दामाद एवं कैफे कॉफी डे के संस्थापक सिद्धार्थ के निधन से स्तब्ध एवं दुखी हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को ताकत दे। ओम् शांति।’’ 

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने भी कन्नड़ भाषा में ट्वीट किया, ‘‘मैं वी जी सिद्धार्थ के निधन से स्तब्ध हूं। वह बहुत सरल व्यक्ति थे। मैं पिछले 35 साल से उन्हें जानता हूं। उन्होंने हजारों लोगों के रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया। सरकार को उनकी त्रासदीपूर्ण मौत के कारण की उचित तरीके से जांच करानी चाहिए।’’ 

सिद्धार्थ का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), तटरक्षक, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग एवं तटीय पुलिस की टीमों ने उस पुल के नीचे नेत्रावती नदी के पानी में तलाश की थी, जहां 60 वर्षीय सिद्धार्थ को आखिरी बार देखा गया था।

पुलिस के अनुसार सिद्धार्थ को दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रावती नदी के पुल के पास सोमवार रात देखा गया था। सिद्धार्थ सोमवार की दोपहर बेंगलुरु के हासन जिले से सक्लेशपुर के लिए निकले थे लेकिन अचानक उन्होंने अपने कार चालक से मेंगलुरु चलने को कहा था।

पुलिस ने बताया कि नेत्रावती नदी पर बने पुल के पास वह कार से उतर गए थे और उन्होंने चालक से कहा था कि वह टहलने जा रहे हैं।
 

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