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बुलंदशहर : इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या के 25 दिन बाद मुख्य आरोपी प्रशांत नट गिरफ्तार

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रशांत नट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है . 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बुलन्दशहर प्रभाकर चौधरी ने बृहस्पतिवार को नट की गिरफ्तारी की पुष्टि की. उन्होंने यह भी बताया कि नट ने ही सिंह की हत्या की थी और उससे इस मामले में पूछताछ की जा रही है . हालांकि, हत्या में इस्तेमाल किया गया रिवाल्वर अभी बरामद नहीं हो पाया है.

गौरतलब है कि बुलंदशहर में भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा एक अन्य युवक की मौत हो गई थी .

चौधरी ने यह भी बताया कि इंस्पेक्टर ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, जिसमें सुमित नाम के युवक की मौत हो गई थी . उसकी उम्र 20 साल के करीब थी .

पुलिस सूत्रों के अनुसार 'वीडियो फुटेज’ और कुछ लोगों की गवाही के आधार पर इंस्पेक्टर की हत्या में नट को संदिग्ध पाया गया .

गत तीन दिसंबर को हुई इस घटना के सिलसिले में बुलन्दशहर पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है और छह से अधिक लोगों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है . उल्लेखनीय है कि पहले सेना के जवान जीतू फौजी पर संदेह था, लेकिन उसके खिलाफ सबूत नहीं मिले .

वहीं इस घटना को लेकर आईबी के एडीजी के ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि बुलंदशहर में गोकशी की खबर फैलने के बाद भारी संख्या में लोग जुट गए  और हंगामा शुरु कर दिया. इस दौरान कुल लोगों ने हिंसा भड़काने की साजिश रच डाली. स्थानीय पुलिस और प्रशासन की देरी की वजह से तनाव बड़ता गया. इतना ही जिले के आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे जिसके बाद हालात और बिगड़ गए. 

रिपोर्ट के अनुसार 100 नंबर पर तैनात पुलिस भी सूचना के बाद भी  मौका-ए- वारदात पर देर से पहुंची. स्थानीय सुफिया भी किसी तरह की साजिश भांपने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ. इसके अलावा मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स की कमीथी. जबकि पुलिस की ओर से गोकशी करने वालो के खिलाफ एफआईआर का आश्वासन दिया गया था. इसके बाद भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई  जिसमें इंस्पेटकर सुबोध सिंह की हत्या कर दी गई. 

( इनपुट- भाषा से )

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