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'The Accidental Prime Minster' ट्रेलर पर मचे घमासान के बीच अनुपम खेर ने कहा - मैं पिछे हटने वाला नहीं हूं यह मेरे जीवन की सर्वश्रेष्ठ फिल्म

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

अभिनेता अनुपम खेर की आने वाली चर्चित फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' का ट्रेलर रिलीज होते ही राजनीतिक गलियारों में सियासी पारा परवान पर है. पूर्व प्रधानमंत्री  मनमोहन सिंह पर आधारित बनि फिल्म आने से करीब 15 दिन पहले ही कांग्रेस में भूचाल आ गया. इस फिल्म को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है.


इस बीच फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे अभिनेता अनुपम खेर ने ट्वीट कर कहा कि, ''मैं पीछे हटने वाले नहीं हूं. यह मेरे जीवन की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.  डॉ मनमोहन सिंह इस फिल्म को देखने के बाद जरूर सहमत होंगे क्योंकि यह 100 % सही फिल्माया गया है.  ''  इसके साथ उन्होंने 5.30 बजे फिल्म इंडस्ट्री वेलफेय ट्रस्ट सांताक्रूज में मीडिया से मुलाकात करने का समय दिया है. 


बता दें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सच्चाई का कोई विकल्प नहीं होता है. God is truth and truth is god. सच्चाई को कभी मिटाया नहीं जा सकता है.

फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ' आगामी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आएगी. चुंकी फिल्म की कहानी राजनीतिक है . इस वजह से इसकी काफी चर्चा है. 

आपको बता दें कि फिल्म में अनुपम खेर के अलावा अक्षय खन्ना भी अहम किरदार निभा रहे हैं. अक्षय कुमार ने संजय बारू का किरदार निभाया है. संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री के  मीडिया सलाहकार थे. उन्हीं की लिखी किताब पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. 

फिल्म में अनुपम खेर , अक्षय कुमार के अलावा लिपस्टिक अंडर माय बुर्का फेम अहाना भी हैं. वह इस फिल्म में प्रियंका गांधी वाड्रा का किरदार निभा रही हैं. 

वहीं अर्जुन माथुर राहुल गांधी के रोल में विमल वर्मा लालू प्रसाद यादव , अतार सैनी लालकृषण अडवाणी और अन्नी रस्तोगी शिवराज पाटिल के किरदार में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर देख कर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है , इसमें मनमोहन सिंह की सरकार तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष के दबाव को लेकर कितना कुछ और तमाम बड़ी राजनीतिक घटनाओं को दिखाया गया है. 


याद दिला दें कि इस फिल्म की कहानी संजय बारू की किताब पर आधारित है. जब यह किताब आई थी तब इसकी खूब आलोचना हुई थी. संजय ने 2004 से 2008 के बीच मनमोहन सिंह के साथ काम किया . इस किताब में संजय न दावा किया था कि मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी के सामने लचर थे.


 

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