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R. भारत-'जन की बात' Exit Poll: हरियाणा में फिर बज सकता है BJP के नाम का ढोल, कांग्रेस को मिल सकती है इतनी सीटें

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

महाराष्ट्र और हरियाणा में एक बार फिर मोदी लहर दिखेगी या फिर दोबारा अध्यक्ष पद की कुर्सी मिलने के बाद सोनिया गांधी पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी, इसका इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। मतदान होने के साथ ही इन दोनों राज्यों में दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। सबको इंतजार 24 अक्टूबर का है। जिस दिन मतगणना के साथ ही ये भी साफ हो जाएगा कि अबकी बार किसकी सरकार बनी है ।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क पहला चैनल है जो हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों की सच्ची तस्वीर आपको दिखाने जा रहा है। हमारे एक्जिट बताएगा कि 24 तरीखो को दोनों राज्यों की सियासी तस्वीर कैसी होगी? सबसे पहले बात करेंगे उत्तर भारत में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य हरियाणा की, जिसमें स्थाई मुद्दों के साथ राष्ट्रीय मुद्दे को काफी तवज्जों मिली है। जन की बात के अनुसार एक बार फिर राज्य में कमल खिलने वाला है। बीजेपी के राज्य की 90 विधानसभा सीट में से 58-70 सीट मिलने का अनुमान है। वहीं कांग्रेस के हाथ इस बार भी निराशा लगने वाली है, उसको महज 12-18 सीटों से संतुष्ट करना पड़ सकता है। 

ऐसा हो सकता है हरियाणा विधानसभा का हाल!

  • बीजेपी को 52 से 63 सीटें मिलती दिख रही हैं, वहीं कांग्रेस को 15 से 19 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि दुष्यंत चौटाला की जेजेपी को 5 से 9 सीटें मिल सकती हैं और INLD को एक सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है। 

संभावित वोट शेयर

एग्जिट पोल के मुताबिक किस दल को कितने फीसदी वोट मिला, हमारी टीम ने इसे भी जानने की कोशिश की...

  • बीजेपी को 56 फीसदी, कांग्रेस को 18 प्रतिशत, दुष्यंत चौटाला की जेजेपी को 10 फीसदी और INLD को 7 प्रतिशत जबकि अन्य को 9 प्रतिशत वोट मिलता दिखाई दे रहा है।

बता दें, राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। इन दोनों दलों के अलावा इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो), जननायक जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी भी चुनावी मैदान में है। आम आदमी पार्टी, जननायक जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी प्रदेश में चुनाव अकेले लड़ रहे हैं। बसपा के साथ जजपा का गठबंधन इस महीने की शुरूआत में रूप नहीं ले सका था।

बता दें, लेकिन आपको बता दें कि हरियाणा के चुनावी दंगल में कुल 1,169 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। ये साल 2014 से 182 कम है।यानी इस बार हरियाणा के चुनावी दंगल में कम प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया। 2014 में 1,351 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। बीजेपी, कांग्रेस ने सभी 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के 89 उम्मीदवारों अपनी किस्मत आजमाई। वहीं INLD, अकाली दल के साथ गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरी थी।

अक्टूबर, 2014 में हुए विधानसभा चुनावों में मत प्रतिशत में नाटकीय रूप से आये उछाल के कारण प्रदेश में पहली बार भाजपा को अकेले सरकार बनाने में सफलता मिली थी। पार्टी को 2009 में केवल चार सीटें मिली थी जबकि 2014 में उसे 47 सीटें मिली।

भाजपा का मत प्रतिशत 2009 में लगभग नौ फीसदी था जो 2014 में जबरदस्त उछाल के बाद 33 प्रतिशत से अधिक पर पहुंच गया था।

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