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तेलंगाना में सत्ता में आने पर भाजपा हैदराबाद का नाम बदलने का ‘लक्ष्य’ रखेगी: राजा सिंह

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

देश में शहरों और जगहों के नामों का बदलने का दौर जारी है.  ऐसे में भाजपा नेता राजा सिंह ने गुरुवार को कहा कि अगर पार्टी सात दिसंबर के चुनाव के बाद तेलंगाना में सत्ता में आती है तो वह हैदराबाद सहित राज्य के अन्य शहरों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखने का ‘लक्ष्य’ रखेगी. 

सिंह ने न्यूज एजेंसी को बताया, ‘‘ भाजपा जब तेलंगाना में सत्ता में आएगी तो हमारा पहला लक्ष्य विकास होगा और और दूसरा इन नामों को बदला जाना चाहिए। इन्हें महापुरुषों के नाम पर रखना चाहिए जिन्होंने हमारे देश या तेलंगाना के लिए काम किया.' 


हाल ही में भंग हुए विधानसभा के सदस्य सिंह ने कहा कि 16 वीं शताब्दी में इस क्षेत्र पर शासन करनेवाले कुतुबशाही वंश के शासकों ने भाग्यनगर का नाम बदलकर हैदराबाद कर दिया.  इसके अलावा कई और स्थानों के नाम बदले गए थे.  इनमें सिंकदराबाद और करीमनगर भी शामिल हैं. 

सिंह ने एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा गुरुवार को की गई टिप्पणी को गलत बताया. ओवैसी ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ‘मुस्लिम मुक्त’ देश बनाना चाहते हैं.

उन्होंने बताया कि मुस्लिम को ओवैसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए जो कई बार तेलंगाना के खिलाफ बोल चुके हैं.  ओवैसी हैदराबाद से लोकसभा सदस्य हैं। तेलंगाना में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने वाला है . 

ऐसा नहीं है कि पहली बार कोई नाम बदला गया हो . नाम बदलने का लंबा इतिहास है. कभी राज्यों , तो कभी शहरों का .


इधर शहरों के नाम बदलने की फेहरिस्त में अब गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद का नाम भी जुड़ने वाला है. दरअसल , मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के नेतृत्व वाली सरकार अहमदाबाद शहर के नाम को बदलने का विचार कर रही है. अगर ऐसा संभव हुआ तो अहमदाबाद शहर कर्णावती के नाम से जाना जाएगा. माना जाता है कि कर्णावती अहमदाबाद का प्राचिन नाम है. 

दरअसल , गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन भाी पटेल ने कहा कि बीजेपी सरकार अहमदाबाद का नाम बदरलने के लिए तैयार है,  अगर सरकार कानूनी बाधाओं को पार कर लेती है और लोगों का आवश्यक समर्थन हासिल कर लेती है. 

 

( इनपुट - भाषा से भी )

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