General News

महाराष्ट्र : BJP ने शिवसेना - कांग्रेस और NCPको दिया पहला झटका, आंकड़े होने के बावजूद नहीं बना पाए मेयर

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

महाराष्ट्र महाविकास आघाडी को बीजेपी ने पहला झटका दिया है। भिवंडी महनगर पालिका में कांग्रेस और शिवसेना मिलकर नहीं बना पाए अपना मेयर। दरअसल , यहां कांग्रेस और शिवसेना के पास आकड़े होने के बावजूद नहीं बना पाए अपना मेयर ,18 कांग्रेस के पार्षदों  ने कांग्रेस और शिवसेना को ने नहीं दिया साथ । बीजेपी ने कोणार्क विकास आघाडी  को समर्थन देकर बनाया मेयर। मुंबई से सटे भिवंडी महानगरपालिका में कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार की हार।भाजपा के समर्थन वाले कोणार्क विकास आघाडी ने उम्ममीदवार ने जीता महापौर का चुनाव।


कॉग्रेस उम्मीदवार को शिवसेना ने समर्थन दिया था लेकिन अंतिम क्षणों में कांग्रेस के 18 पार्षदों ने पाला बदल लिया और राज्य में महा विकास आघाडी की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब कांग्रेस और शिवसेना के साथ आने के बावजूद अल्पमत वाली भाजपा समर्थित कोणार्क विकास आघाडी ने महापौर का चुनाव जीत लिया।


भिवंडी महानगरपालिका कुल पार्षद - 90 हैं 

कॉग्रेस - 47, शिवसेना- 12 , कुल- 59 

कोणार्क विकास आघाडी - 11, बीजेपी - 19, निर्दलिय - 1 
कुल - 31

कांग्रेस के 47 में से 18 पार्षद टूटे उन्होने बीजेपी के पक्ष में वोट दिया ।

अंतिम नतीजा कोणार्क विकास आघाडी की उम्मीदवीर प्रतिभा पाटील को मिले 49 वोट कॉग्रेस उम्मीदवार को रिषीका राका

इधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आरएसएस से संबद्ध नागपुर के एक शोध संस्थान को स्टांप शुल्क से छूट देने की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है।

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह फैसला उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने बुधवार को लिया था।

सरकारी अधिकारी ने बताया कि नागपुर के पुनरुत्थान शोध संस्थान ने वहां करोल तहसील में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है।

इस संस्थान की स्थापना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा भारतीय शिक्षण मंडल ने की थी।

नौ सितंबर को देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली तत्कालीन राज्य सरकार ने संस्थान को इस जमीन के सौदे के लिए स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के भुगतान से छूट दी थी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘105 हेक्टेयर जमीन की खरीद के लिए 1.5 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क पर दी गई छूट को अब रद्द कर दिया गया है। संस्थान को अब स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा।”

सूत्रों ने इससे पहले बताया था कि राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक यहां बुधवार को हुई जहां देवेंद्र फडणवीस नीत पूर्व सरकार द्वारा अंतिम दिनों में लिए गए 34 फैसलों पर चर्चा की गई।

DO NOT MISS