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चुनावी फायदे के लिये नक्सलियों का सहयोग लेने की कोशिश कर रही है सरकार: भाजपा

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार नक्सलियों को बचाने का प्रयास कर रही है तथा लोकसभा चुनाव में फायदे के लिए नक्सलियों का सहयोग लेने की कोशिश कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जैसे पूरे देश में कांग्रेस ने देश की सुरक्षा का मखौल उड़ाया है उसी तरह से छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार ने राज्य की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है। ऐसा लगने लगा है कि नक्सलियों के भरोसे छत्तीसगढ़ को छोड़ दिया गया है।

अग्रवाल ने कहा कि हाल ही में नक्सली एन वेंकट राव उर्फ नक्का के खिलाफ चालान प्रस्तुत नहीं किया जाना और जमानत हो जाना, सरकार को संदेह के घेरे में लाता है। राव के बारे में कहा गया था कि यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए खतरा है। एन वेंटक राव को पुलिस ने पिछले वर्ष दिसंबर माह में राजनांदगांव जिले में गिरफ्तार किया था। इसी तरह झारखंड में शहरी नक्सलियों की बहुत बड़ी कड़ी ज्यां द्रेज़ के समर्थन में राज्य के (छत्तीसगढ़ के) मुख्यमंत्री का बोलना, किसी एक राज्य सरकार की कार्रवाई पर कमेंट करना तथा जो मुख्यमंत्री कहते थे कि हम नक्सल प्रभावितों से और नक्सल पीड़ितों से बात करेंगे आज वह कहने लगे हैं कि हम नक्सलियों से बात करने के लिए तैयार हैं, यह सरकार को संदेह के घेरे में लाता है। ऐसा लगता है कि नक्सलियों की घुसपैठ सरकार के अंदर हो गई है तथा सरकार की नीति को भी वह प्रभावित कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग से मांग करेगी कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अंदरूनी तरीके से नक्सलियों का सपोर्ट तो नहीं मिल रहा है, इसकी जांच करवाई जाए और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराएं।

एक सवाल के जवाब में अग्रवाल ने कहा कि सरकार नक्सलियों को सहयोग कर रही है और उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है तथा चुनाव में नक्सलियों का सहयोग लेकर फायदा लेने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग और सतर्क है तथा बाहरी और अंदरूनी ताकतों को नियंत्रित कर रही है। ऐसे समय में राज्य सरकार का वोट की राजनीति के लिए नक्सल नेटवर्क के सामने समझौता करना, यह बहुत ही दुर्भाग्यजनक है।

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज पूरे देश में वातावरण है कि देश की सुरक्षा और तरक्की के लिए दोबारा मोदी जी का प्रधानमंत्री बनना जरूरी है। राज्य में पहले भाजपा के पास 11 में से 10 सीटें थीं। कोशिश है कि इस बार पार्टी 11 में से 11 सीटें जीतें।

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पिछले 100 दिनों में छत्तीसगढ़ की सरकार पूरी तरह दिवालिया हो गई है। छत्तीसगढ़ में विकास के काम ठप हो गए हैं।

इधर कांग्रेस ने भाजपा को आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि भाजपा का यह आरोप बेहद आपत्तिजनक और गैर जिम्मेदाराना है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि इस प्रकार के झूठे आरोप लगाकर भाजपा, राज्य में उनकी सरकार के समय नक्सलवाद के विस्तार और फलने फूलने देने के अपराध से बच नहीं सकती है। भाजपा सरकार के 15 वर्षों में नक्सलवाद बस्तर के तीन ब्लाकों से फैलकर 14 जिलों तक पहुंच गया। कांग्रेस ने नक्सल आतंक के दंश को झेला है। भाजपा की तत्कालीन सरकार की लापरवाही के कारण कांग्रेस नेताओं की एक पूरी पीढ़ी जीरम घाटी में नक्सल हिंसा का शिकार हो गई।

शुक्ला ने कहा है कि 15 सालों तक सरकार में रहने के दौरान भाजपा सरकार नक्सल नियंत्रण के लिए कोई भी राजनैतिक, आर्थिक, सामरिक और सामाजिक नीति नहीं बना पाई। भाजपा की लापरवाही का नतीजा आज पूरा प्रदेश भोग रहा है।

 

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