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झारखंड : छतरपुर से भाजपा विधायक राधाकृष्ण किशोर आजसू में शामिल

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

झारखंड में छतरपुर से भाजपा के विधायक और विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक रहे राधाकृष्ण किशोर मंगलवार को भाजपा की सहयोगी आजसू में शामिल हो गये।

आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने उनका पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर गिरिडीह से पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी मौजूद थे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य सरोज दूबे ने भी आजसू का दामन थामा। रांची के हरमू रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में राधाकृष्ण किशोर और सरोज दूबे अपने समर्थको के साथ पहुंचे थे।

इस मौके पर सुदेश कुमार महतो ने कहा कि संसदीय और विधायी कार्यों की गहरी जानकारी रखनेवाले राधाकृष्ण किशोर के आने से संगठन को वैचारिक धार और लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने में मदद मिलेगी। राज्य में आम-आवाम के सपनों को साकार करने के लिए आजसू प्रतिबद्ध रही है। लिहाजा विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरे दमखम से उतरेगी।

राधाकृष्ण किशोर को छतरपुर से चुनाव मैदान में उतारे जाने के सवाल पर आजसू प्रमुख ने कहा कि अभी 24 घंटे का वक्त है। संसदीय बोर्ड में उनके नाम पर फैसला लिया जाएगा। राधाकृष्ण किशोर ने छतरपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार चुनाव जीता है। पहली बार 1980 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी।

मिलन समारोह के मौके पर आजसू प्रमुख ने मीडिया से कहा कि गठबंधन में बातचीत अनिवार्य है, और वह जारी है लेकिन अब तक भाजपा के साथ कुछ तय नहीं हो सका है। हम जहां नेतृत्व करने की स्थिति में हैं, उन सीटों पर अपना उम्मीदवार दिया है।

महतो ने यह भी कहा कि भाजपा के समक्ष हमने अपनी बातें रख दी हैं, अब फैसला सहयोगी दल को करना है। उसके बाद ही हम कोई फैसला करेंगे। उम्मीदवारों की पहली सूची सबसे पहले भाजपा की तरफ से आई। उसके बाद हमारी सूची आई। जबकि गठबंधन में सीटों के तालमेल पर बातचीत होती है, उसके बाद प्रत्याशियों का नाम आता है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम जिन सीटों पर मजबूत स्थिति में है, उसकी सूची ही भाजपा को सौंपी है। कम से कम 17 सीटों पर हमारा दावा बनता है।

इस मौके पर राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आजसू धरती पुत्रों की पार्टी है। पार्टी की कार्य संस्कृति और आंतरिक लोकतांत्रिक ढांचा भी रहा है। साथ ही राज्य के हितों और विकास को लेकर यह पार्टी राजनीतिक तौर पर प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज फूल छोड़कर फल प्राप्त कर रहा हूँ। यह गर्व की बात है।’’

राधाकृष्ण किशोर ने भाजपा छोड़ने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘जहां निष्ठा और समर्पण की कद्र नहीं हो वहां रहने का क्या लाभ है?’’
 

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