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शाहीनबाग में वार्ताकारों के पहुंचने से पहले शाहीन बाग के प्रदर्शकारियों को क्या जबाव देना है, यह ट्रेनिंग देती नजर आईं सीस्ता : भाजपा का दावा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


सुप्रीम कोर्ट में ने शाहीन बाग के लोगों से बात करने के लिए तीन वार्ताकार तक नियुक्त कर दिए जो आज शाहीन बाग गए। वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों से उन्होंने बात की। लेकिन जैसे ही वार्ताकार तैयार हुए तो टुकड़े गैंग में मच गया हाहाकार । 


सुप्रीम कोर्ट के तीन वार्ताकार शाहीन बाग की प्रदर्शनकारियों से क्या प्रश्न पूछेंगे। उसका अभ्यास कराया गया। मकसद यही है कि शाहीन बाग सुलगते रहना चाहिए।   तीस्ता सीतलवाड़ भड़काने पहुंची कि वार्ताकारों के किसी सवाल का खुद से कोई जवाब नहीं देना है। वही जवाब देना है जो सिखाया जा रहा है, रटाया जा रहा है। 


देशविरोधियों को समझ में आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकार कोई ऐसा रास्ता जरूर निकाल लेंगे बातचीत के जरिए जिससे टुकड़े गैंग की दुकान बंद हो जाएगीऔर इसीलिए तीस्ता शाहीन बाग पहुंची उकसाने और उधर औवैसी भड़का रहे है कि पूरे देश में कई शाहीन बाग बना डालो।


भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमख अमित मालवीय ने दावा किया कि वार्ताकारों से बात करने के लिए शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण भी कोई और नहीं बल्कि तीस्ता सीतलवाड़ दे रही हैं। अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट कर यह दावा किया है कि वार्ताकारों से क्या सवाल-जवाब करने हैं उसका प्रशिक्षण प्रदर्शनकारियों को तीस्ता सीतलवाड़ दे रही हैं। अमित ने लिखा कि देखिए यह आंदोलन कितना स्वत: स्फूर्त है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि सीतलवाड़ शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को समझा रही हैं कि सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकार उनसे क्या सवाल पूछेंगे. देखिए ये आंदोलन कितना स्वाभाविक और प्रायोजित है’?


जानिए किन सवालों को युवती ने पढ़कर सुनाया 

पहला सवाल: क्या शाहीन बाग आंदोलन की जगह बदलने से आंदोलन कमजोर होगा?

दूसरा सवाल: अगर जगह बदलने की बात होती है तो महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी कौन लेगा?

तीसरा सवाल: आंदोलन की वजह से कुछ पब्लिक को दिक्कत हो रही है, इसके बारे में हमें क्या करना है?

चौथा सवाल: आधा रास्ता खोलने से मसला हल होगा क्या?

पांचवां सवाल: क्या शाहीन बाग आंदोलन का रंगरूप बदलने से आंदोलन कमजोर होगा क्या?

जब युवती सवाल पूछ लेती है तो तीस्ता सीतलवाड़ माइक ले लेती हैं। वह प्रदर्शनकारियों को सवालों के मतलब समझान शुरू करती हैं। उन्होंने कहा कि रंग-रूप का मतलब ये है कि आप लोग 24 घंटे यहां न बैठें। दिन में कुछ समय के लिए या हफ्ते में एक-दो बार या शाम को ही आएं। हालांकि आखिर में वो ये जरूर कहती हैं कि ये सवाल हमारे हैं लेकिन जवाब आपके ही होंगे।


याद दिला दें की सुप्रीम कोर्ट की ओर से कुछ वार्ताकारो को नियुक्त किया गया है । वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीवुल्लाह सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए हैं, जो शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से जगह बदलने की अपील करेंगे।

वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीवुल्लाह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे । इस दौरान वार्ताकारों ने मंच से प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट का आदेश पढ़कर सुनाया और समझाने की कोशिश की। इस दौरान साधना रामचंद्रन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह कतई नहीं कहा कि आपके विरोध के अधिकार को छीना जाए। 

बातचीत से पहले वार्ताकारों ने कहा कि दोनों कि दोनों के बीच चर्चा मीडिया के सामने नहीं होगा। वार्ताकारों की इस सुझाव के बाद प्रदर्शकारी नाराज नजर आएं। 


 

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