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UNSC में भारत की कूटनीतिक जीत, चंद घंटों में आतंक के अज़गर पर बैन!

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

एक बार फिर भारत की कूटनीतिक जीत हुई है। आतंकी संगठन मसूद अज़हर पर शिकंजा कसने वाला है। चंद घंटों के बाद यूएनएससी में प्रस्ताव पर मुहर लगते ही पाकिस्तान में पलने वाले आतंकी पर प्रतिबंध लग जाएगा। कल यूएनएससी में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है।

पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली थी। जिसके बाद अमेरिका, फ्रांस मिलकर यूएनएससी में प्रस्ताव लाए थे। मसूद अज़हर के खिलाफ प्रस्ताव पर अब कल चर्चा होनी है। उम्मीद है कि प्रस्ताव पास हो जाएगा क्योकि भारत के साथ पूरा विश्व खड़ा है।

पाकिस्तान अलग थलग पड़ चुका है चीन पर भी दवाब है। यूएनएससी में प्रस्ताव के आने से पहले भारत के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ टर्की और सऊदी से भी बातचीत की है। टर्की और सऊदी ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात की है वहीं अमेरिका और भारत के विदेश सचिवों की आज बैठक होने वाली है। 

इस बैठक में आतंकवाद पर चर्चा होगी साथ ही यूएन में पाकिस्तान में पलने वाले आतंकी मसूज अज़हर पर बैन लगाने पर भी बात की जाएगी। हालांकि यूएन की बैठक से पहले चीन ने भारत पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बातचीत से मुद्दा सुलझाने की बात कही है।

अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने यूएनएससी में एक प्रस्ताव पेश किया था, इसी प्रस्ताव पर 13 मार्च  को चर्चा होनी है और प्रस्ताव के पास होने की पूरी उम्मीद है।

सोमवार को ही प्रधानमंत्री ने तुर्की के राष्ट्रपति और संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस के साथ बातचीत की। दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात की है। अमेरिका, फ्रांस पहले ही भारत के साथ होने की बात कह चुके हैं। आज अमेरिका के विदेश सचिव की भारत के विदेश सचिव से बात होनी है। जिसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने पर चर्चा होगी। साथ ही मसूद अज़हर पर शिकंजा कसने की रणनीति पर भी विचार होगा।

आपको बताते है कि आतंकिस्तान में पनाह लिया जैश-ए-मोहम्मद का आका मसूद अजहर कौन है। और इसके गुनाहों की फहरिस्त कैसी है।

आतंकी अजगर का पाप

  • आतंकी संगठन जैश का चीफ है मसूद अज़हर
  • पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है मसूद 
  • भारतीय संसद का गुनहगार है मसूद अज़हर 
  • उरी हमले का भी मास्टरमाइंड था जैश सरगना
  • पठानकोट में सेना बेस कैंप हमले में भी हाथ
  • 1999 में विमान के अपहरण का मुख्य साजिशकर्ता
  • जम्मू-कश्मीर सचिवालय की इमारत पर हमले का आरोप 
  • 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हमले में हाथ

बता दें, यूएन में मसूद अज़हर के खिलाफ तीन से ज्यादा बार प्रस्ताव आ चुके हैं लेकिन आतंकी को चीन हमेशा बचाता आया है। इस बार भी चीन ने प्रस्ताव आने से पहले एक बार फिर रोना रोया है चीन ने भारत पाकिस्तान के बीच तवान कम करने के लिए कहा है कि केवल बातचीत के जरिये ही एक जिम्मेदार समाधान निकल सकता है। लेकिन इस बार माहौल बदल चुका है। इस बार चीन पर पूरे विश्व का दवाब है।

पाकिस्तान की विश्व में  थू -थू हो रही है। पूरे विश्व में आतंक के खिलाफ आवाज उठ रही है ऐसे में चीन की चालबाजी भी काम नहीं आने वाली है और आतंक के अज़गर पर शिकंजा कसना तय है।

गौरतलब है कि कांग्रेस एक तरफ वो एयर स्ट्राइक का सबूत मांगती है, सेना के शौर्य पर सवाल खड़े करती है। तो दूसरी तरफ आतंकी को सम्मान देती है... राहुल गांधी ने जैश के सरगना मसूद अजहर को मसूद अजहर जी कहकर संबोधित किया है। यही नहीं राहुल गांधी ने डोकलाम पर हल्की बात करके एक बार फिर सेना का अपमान किया है।

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