General News

भगवान राम की विशालकाय मूर्ति बनवाने के फैसले पर आज़म खान ने CM योगी पर कसा तंज

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

अयोध्या मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को जो फैसला सुनाया उसके बाद राजनीतिक महकमे में मानो भूचाल सा आ गया. कई राजनीतिक दलों ने अध्यादेश लाने की मांग करनी शुरू कर दी. इसी बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक फैसले ने भगवान राम के भक्तों में खुशी की लहर छोड़ दी. योगी सरकार ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के तर्ज पर अयोध्या में भगवान राम की भव्य प्रतिमा बनवाने का फैसला लिया. इस फैसले के बाद आज़म खान ने सरकार के फैसले पर तीखा वार किया.

यूपी में सरयू नदी के तट पर भगवान राम की 151 मीटर प्रतिमा की सीएम की घोषणा पर आज़म खान ने अपने बयान में योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ''ये खयाल उस वक्त क्यों नहीं आया जब सरदार बल्लभभाई पटेल की प्रतिमा बनाई जा रही थी? कोई क्यों रोकेगा, हम तो स्वागत करेंगे. हम तो चाहेंगे कि उससे ऊंची रामपुर में बनाई जाए''. 

अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले आज़म खान का ये तंज स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर दी है. जाहिर है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के तर्ज पर योगी सरकार अयोध्या में भगवान राम की विशालकाय मूर्ति बनवाने जा रही है.

गौरतलब है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया था. जिसके बाद भगवान राम को लेकर देश में राजनीति तेज हो गई. इन सबके बीच खबर आई कि योगी सरकार भगवान राम की विशालकाय मूर्ती बनवाने जा रही है.

दिवाली के बाद एक और खुशख़बरी मिलेगी ?

इस बीच उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने राम मंदिर मुद्दे को लेकर अपनी बात कही है. महेंद्रनाथ पाडेंय ने कहा है कि ''आप लोग जानते हैं कि पिछली बार अयोध्या में दिवाली मनाई गई थी. दिवाली के बाद निश्चित रूप से अच्छी खबर होगी.. योगी जी ने योजना बनाई है राम मंदिर के लिए दिवाली के बाद खुशखबरी देंगे योगी जी.. आप लोग योगी जी की घोषणा की प्रतिक्षा करें. हम लोग राम मंदिर बनाने के प्रति समर्पित हैं. अगर राहुल गांधी जी राम मंदिर का समर्थन करते हैं तो उसका स्वागत करेंगे.''

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अभी कोई जरूरी तारीख नहीं दी जा सकती है क्योंकि कोर्ट की अन्य प्राथमिकताएं भी हैं. पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि अयोध्या मामले पर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले फैसला आ सकता है . 

DO NOT MISS