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मोदी सरकार को बदनाम करने के लिये "अवॉर्ड वापसी गैंग" फिर सक्रिय हुआ: गिरिराज सिंह

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

 केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिये 'अवॉर्ड वापसी' गैंग फिर से सक्रिय हो गया है। गिरिराज का यह बयान 49 प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र, जिसमें कहा गया है कि ‘‘जय श्री राम’’ का उद्घोष भड़काऊ नारा बनता जा रहा है, के बाद आया है। 

प्रधानमंत्री को लिखे खुले पत्र में यह भी कहा गया है कि ‘‘असहमति के बिना लोकतंत्र नहीं होता है।’’ 

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केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मॉब लिंचिंग का सवाल उठाने वाले यह लोग तब कहां थे जब कैराना (उत्तर प्रदेश) के विधायक हाल ही में मुसलमानों को हिंदुओं की दुकानों से सामान नहीं खरीदने के लिये कह रहे थे। वे क्यों खामोश रहे?" 

पत्र के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि 'अवॉर्ड वापसी' गैंग सक्रिय हो गया है। मंत्री ने कहा, "अवॉर्ड वापसी गैंग मोदी सरकार को बदनाम करने और उसे अस्थिर करने के मकसद से फिर सक्रिय हो गया है।" 

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वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले प्रबुद्ध नागरिकों को बुधवार को राष्ट्रविरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि वे विपक्ष की कठपुतली के रूप में अभिनय कर रहे हैं। 

दरअसल, फिल्मकारों अडूर गोपालकृष्णन और अपर्णा सेन, गायक शुभा मुद्गल, इतिहासकार रामचन्द्र गुहा और समाजशास्त्री आशीष नंदी समेत 49 प्रबुद्ध नागरिकों ने 23 जुलाई के इस पत्र में अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।

बता दें, पीएम को लिखी चिट्ठी में मुस्लिमों और दलितों पर हुए हमले पर चिंता जताई है। भड़काने के लिए राम के नाम का इस्तेमाल की बात की गई है। चिट्ठी में एंटी नेशनल और अर्बन नक्सल का टैग लगाने पर भी चिंता जताई गई है। साथ ही पीएम ने सवाल किया गया है कि आपने लिंचिंग की निंदा की लेकिन दोषियों पर क्या कार्रवाई की। 

इस चिट्ठी में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग की घटनाओं का ब्यौरा दिया गया है। जिसमें केवल मुस्लिमों पर हुए हमले दिखाए गए हैं। जबकि गृहमंत्रालय ने संसद में साफ किया है कि मॉब लिचिंग के मामलों में कमी आई है 

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