General News

गुजरात अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण सांई को बलात्कार का दोषी पाया, 30 अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


गुजरात की एक अदालत ने शुक्रवार को जेल में बंद प्रवचनकर्ता आसाराम के बेटे नारायण सांई को बलात्कार के एक मामले में दोषी पाया है। सूरत की एक सत्र अदालत अब उसे इस मामले में 30 अप्रैल को सजा सुनायेगी।

सूरत की दो बहनों ने 2013 में पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम बापू और नारायण सांई ने उनके साथ बलात्कार किया। इनमें से एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह आश्रम में रह रही थी तो 2002 से 2005 के बीच नारायण सांई ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

बता दें साल 2002 में लगे आरोपों के मुताबिक, नारायण साईं ने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम में अनुयायी के साथ रेप किया और बार- बार 2004 तक छेड़छाड़ करते हुए अपने सथियं की मदद से पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। 06 अक्टूबर 2013 को पीड़िता ने इस मामले में सूरत में प्रथामिकी  दर्ज करवाई थी।

तब पुलिस ने आरोपी नारायण साईं, गंगा, जमुना , हनुमान और अन्य 7 लोगों को खिलाप एफआईआर दर्ज की । गत 04 दिंसबर 2013 को नारायण साईं को हनुमान और ड्राइवर के संग हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास गिरफ्तार किया गया । तब से नारायण साईं जेल में ही है। सुरत सेशन कोर्ट के जज पीएस गढ़वी ने 19 अप्रैल को इस केस की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है।

इससे पहले नारायण साई की पत्नी जानकी ने भी अपने पति और ससुर आसाराम पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उन्होंने इंदौर के खजराना पुलिस थाने में 19 सितंबर 2015 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 22 मई 1997 को उसकी शादी नारायण हरपलानी से हुई थी। इसके बाद नारायण ने उसके सामने ही कई महिलाओं से नाजायज संबंध कायम किए, जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना सहना पड़ी। 

आपको बता दें कि आसाराम जोधपुर में बलात्कार के एक दूसरे मामले में दोषी पाया जा चुका है और वह आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है।

DO NOT MISS