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चित्रकूट अपहरण और हत्याकांड के मास्टरमाइंड पदम शुक्ला के पिता को सतना सतगुरू सेवा ट्रस्ट ने नौकरी से निकाला

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

सतना सतगुरु सेवा ट्रस्ट ने मासूम हत्याकांड के मुख्य आरोपी पदमकान्त शुक्ला के पिता को ट्रस्ट से दिखाया बाहर का रास्ता , रामकरण शात्री को नौकरी से निकला ,सतगुरु सेवा ट्रस्ट के संस्कृत महा विद्द्यालय में उप प्राचार्य के पद पर था पदस्त ,ट्रस्ट के मंदिर का था प्रधान पुजारी

मध्यप्रदेश प्रदेश के चित्रकुट में अगवा हुए 5 साल के जुड़वां बच्चों की हत्या के बारे में जिसने भी सुना, उसका दिल दहल उठा। मासूम बच्चों के शवों को जब परिजनों ने देखा तो वे फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चे उसी यूनिफॉर्म में थे, जिसमें उन्होंने 12 फरवरी को तैयार करके स्कूल भेजा था। उनके हाथ-पैर जंजीर से बंधे हुए थे। बच्चों को खोने से बदहवास पिता बार-बार यही कह रहे हैं कि हत्यारों को फांसी पर लटका दिया जाए ताकि वे फिर किसी के बच्चों के साथ ऐसा न कर पाएं। 

वहीं इस मामले में पुलिस ने आरोपियों में चित्रकूट निवासी पद्‌म शुक्ला, लकी सिंह तोमर, रोहित द्विवेदी, राजू द्विवेदी, रामकेश यादव, पिंटू उर्फ पिंटा यादव को गिरफ्तार किया है। इनमें रामकेश यादव दोनों बच्चों को ट्यूइशन पढ़ाता था । 

आईजी ने शातिरों से की गई पूछताछ के बाद घटनाक्रम का सिलसेवार तरिके से खुलासा किया । उन्होंने बताया कि इस मास्टर माइंड विश्वविद्यालय में बीआईटी का छात्र पद्‌म शुक्ला जानकीकुंड रघुवीर मंदिर के सामने का रहने वाला निकला। उसी ने दोनों मासुमो का अगवा किया था । इसके बाद लकी  सिंह तोमर ने चार पहिया वाहन से दूसरी जगह शिफ्तट करने में भूमिका निभाई । इनके अलावा , छेरा ट्यूशन टिचर रामकेश यादव और उसके मामा पिंटू समेत विक्रमजीत सिंह भी वारदात में शामिल रहे ।  रामकेश व पिंटू को छोडकर अन्य सभी चार लोग विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं।


बता दें बांदा घटना में सेसंथा से कुच लोगों की भूमिका संदिग्ध है। घटना में शामिल एक आरोपित पद्‌म शुक्ला इसी संस्था के सस्कृत विद्यालय के शिक्षक का बेटा है। वह इतना शातिर है कि एक राजनीतिक दल का झंडा लेकर इलाके में गुंडागर्दी करता रहा है।

इस घटना के बाद सतना सदगुरु सेवा ट्रस्ट ने मासूम हत्याकांड के मुख्य आरोपी पद्‌म शुक्ला के पिता को ट्रेस्ट से बाहर का रास्ता दिका दिया है । रामकरण शात्री सतगुरु सेवा ट्रस्ट के संस्कृत महाविद्यालय में उप प्राचार्य के पद पर पदस्त था। साथ ही ट्रस्ट के मंदिर का प्रधान पुजारी भी था।

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