General News

क्या नफरत फैलाकर देश का एक और धार्मिक बंटवारा चाहती है कांग्रेस? जानिए इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

दिल्ली चुनाव के साथ ही भड़काने वाली राजनीति ख़त्म हो गई है और अब शाहीन बाग अब शांत है। जो लोग 100 शाहीन बाग बना रहे थे। वो छिप गए हैं। देश के  अल्पसंख्यक कह रहे हैं कि जो नेता CAA के नाम पर भड़का रहे थे। वो गायब हो गए हैं। लेकिन जब पूरा देश शांत है। तब कांग्रेस भड़काने के लिए सड़क पर आ गई है। प्रियंका वाड्रा ने आज उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में कहा कि नागरिकता कानून मुसलमानों से अन्याय है। इसलिए अन्याय के खिलाफ उठिए। इसका मतलब कांग्रेस फिर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति कर रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि आम आदमी पार्टी को मुसलमानों के वोट मिल गए। क्या इसीलिए अब वो भड़काने की राजनीति पर लौट आई है। ये सवाल सिर्फ उत्तर प्रदेश का नहीं पूरे देश का है। 

अर्नब की राय 

ये सरकार एक संप्रदाय के खिलाफ अन्याय कर रही है। आप लोग अन्याय के खिलाफ उठिए, क्या ट्रिपल तलाक अन्याय नहीं था। क्या सांप्रदायिक दंगे अन्याय नहीं थे? दिल्ली में कांग्रेस ने 5 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे सभी हार गए, सारे वोट आम आदमी पार्टी को मिले। क्या इसी लिए कांग्रेस अब ध्रुवीकरण कर रही है? कांग्रेस आज कह रही है कि सरकार संप्रदाय के खिलाफ है,  आप बताइए इस देश को संप्रदाय के नाम पर किसने बांटा? सांप्रदायिक सोच इस देश में कौन ले आया? शाहीन बाग में कांग्रेस, लखनऊ में हिंसा हुई तो वहां कांग्रेस, आजमगढ़ में लोगों को भड़काने के लिए कांग्रेस आजादी के बाद से कांग्रेस ने मुसलमानों को भड़काने के लिए अलावा और क्या दिया है. 


प्रियंका कहती है कि ये सरकार एक संप्रदाय के खिलाफ है। क्या वो भूल गई, कि मुसलमानों को गटर ले जाने की बात करने वाली कांग्रेस ने की थी। क्या मुसलमान ये भूल सकता है? कांग्रेस शाहीन बाग की साजिश पाकिस्तान से ले आई, वहां हार हुई तो अब वो पूरे देश में पाकिस्तान मॉडल ले जाना चाहती है

। अगर कांग्रेस कह रही है कि CAA गलत है। तो कहिए नेहरू जी गलत थे। बताइए नेहरू लियाकत समझौते में अल्पसंख्यकशब्द किसने लिया था
।  कांग्रेस कह रही है कि CAA भारत के संविधान पर हमला, बताइए आपातकाल क्या था? बताइए शाहबानो केस क्या क्या था? बताइए सांप्रदायिक दंगे क्या थे?

DO NOT MISS