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CAA पर सोनिया का लाहौर वाला एजेंडा? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की दो टूक राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस का एक बार फिर पाकिस्तान प्रेम सामने आया है। रिपब्लिक टीवी से बातचीत में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने लाहौर जाने की बात कबूली । अय्यर ने कहा, कि बीते 13 जनवरी को लाहौर से लौटे हैं। अय्यर के इस बयान से कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है। इतना ही नहीं सोनिया गांधी के कहने पर अय्यर लाहौर गए।

बता दें एक महीने से दिल्ली का शाहीन बाग बंधक बना है। दूसरे इलाके के लोग वहां नहीं पहुंच सकते। उनसे I-CARD मांगा जाता है। लेकिन नेता हर दिन शाहीन बाग जा रहे हैं । आंदोलन के नाम दिल्ली की जनता से अत्याचार हो रहा है। कांग्रेस कहती है जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं वो हमारे लोग हैं। ओवैसी कहते हैं अरे वो तो मुसलमान हैं.. वो तो हमारे लोग हैं। आम आदमी पार्टी कहती है। ये अमानतुल्ला खान का इलाका है। ये हमारे लोग हैं।  कांग्रेस ने तो शाहीन बाद के मुद्दे  को लाहौर तक पहुंचा दिया।  तो क्या विपक्ष ने शाहीन बाग को सरकार के विरोध का अड्डा बना दिया है।

अर्नब की राय 

अगर शाहीन बाग जनता का आंदोलन है। तो बताइए मणिशंकर अय्यर, शशि थरूर, पप्पू यादव, वारिस पठान, अमानतुल्ला खान, कन्हैया कुमार, वृंदा करात और आसिफ खान कौन है? जिस अमानतुल्ला खान ने जामिया में दंगा कराया। उसी अमानतुल्ला खान को AAP ने ओखला से टिकट दिया। वो रोज शाहीन बाग जाता है। एक दंगाई शाहीन बाग में क्या कर रहा है। जिन लोगों ने शाहीन बाग का धरना शुरू किया था उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शन ख़त्म कर रहे हैं। क्योंकि यहां नेताओं का कब्जा हो रहा। इसका मतलब धरना शाहीन बाग के लोगों का नहीं। बाहर से आए नेताओं का है।  जो मणिशंकर अय्यर शाहीन बाग से भाषण देता है। एक दिन पहले वो लाहौर में इमरान खान के अधिकारियों से शाहीन बाग पर बात करता है। उसे सोनिया ने भेजा था क्या सोनिया गांधी शाहीन बाग वाली साजिश लाहौर से कर रही हैं।

उन्होंने कहा लाहौर में मणिशंकर अय्यर ने कहा हम लोग भारत को खुद में कैद में महसूस कर रहे हैं। शाहीन बाग में प्रदर्शन हो रहा है। ये सब बीजेपी की वजह से हुआ। क्या शाहीन बाग में जो हो रहा है कांग्रेस ने उसका एजेंडा पाकिस्तान में तैयार किया । ये कहते हैं कि हम जनता के नेता हैं। क्या आप सिर्फ उन्हीं के नेता हैं जो धरने पर बैठे हैं। उनके नेता नहीं हैं। जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जाम में फंस रहे हैं। दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं। नेता कह रहे हैं कि आंदोलन करना हमारी आजादी है? तो मैं कहता हूं टाइम से स्कूल जाना मेरी भी आजादी है? मैं कहता जाम में न फंसना मेरी भी आजादी है? अगर तुम नेता हो तो मुझे मेरी आजादी दिलाओ, ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े कह रहे हैं कि शाहीन बाग में सड़क बंद होने 10 लाख लोगों का समय बर्बाद हो रहा है। क्या इन 10 लाख लोगों का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि नेता शाहीन बाग में क्या कह रहे हैं वो कह रहे हैं जो कौम बाबरी मस्जिद के खोने पर खामोश रही वो संविधान के खोने पर शांत नहीं रहेगी। इनको नेता कहेंगे नहीं ये दंगा भड़काने वाला दंगाई हैं। शाहीन बाग बंद होने से व्यापारियों को 35 से 40 लाख का नुसकान हो रोज हो रहा है। वो कह रहे हैं कि ये सब ख़त्म हो। क्या आप सिर्फ प्रदर्शनकारियों के नेता हैं। इन  व्यापारियों के नेता नहीं है। अगर शाहीन बाग में आंदोलन हो रहा है। तो जिन्ना वाली आजादी क्या है। मोदी शाह से आजादी क्या है। इस सरकार से आजादी क्या है। अगर ये आंदोलन है। तो ये हिंदुस्तान का नहीं, पाकिस्तान का आंदोलन है।
 

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