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क्या मजदूरों और छात्रों की मदद के नाम पर लूटने वाला बिजनेस कर रही है कांग्रेस? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

राजस्थान सरकार ने कोटा से उत्तर प्रदेश लाए गए छात्रों के लिए सीएम योगी से 36 लाख रुपये किराया मांगा है। इस किराए की मांग के बाद यूपी सरकार ने बताया कि कोटा से छात्रों को लाते समय रास्ते में बस का डीजल खत्म हो गया तो आधी रात को यूपी सरकार से गलहोत सरकार ने 19 लाख रुपये वसूले, तब जाकर बसों को डीजल दिया गया।

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रस सरकार प्रवासी श्रमिकों की बात कर रही है उनकी दया तब कहां गई थी, जब कोटा में फंसे छात्रों को यूपी लाने के नाम पर राज्य सरकार से वसूली की गई। पात्रा ने आगे कहा कि राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार को मासूम छात्रों की मदद के नाम पर ब्लैकमेल किया, बसों का डीजल खत्म हो गया था। फंसे छात्रों की मदद करने की बजाए गहलोत सरकार ने वसूली की।  

अर्नब की राय 

देश वासियों वाड्रा कांग्रेस वो पार्टी है जो मदद में भी मुद्रा तलाश लेती है। अगर कांग्रेस किसी की मदद कर रही है तो समझ लीजिए उसका एक ही मकसद है सिर्फ लूटना। अगर कांग्रेस किसी पर एक रुपये खर्च करती है तो उससे 100 रुपये वसूल लेती है। राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों के साथ कांग्रेस ने यही किया। दरअसल,  कोटा में उत्तर प्रदेश के करीब लाकडाउन के दौरान फंसे 12,000 छात्रों को वापस लाने के लिए प्रदेश की सरकार ने 560 बसें भेजी थीं, बच्चे ज्यादा थे, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान सरकार से कुछ बसें भेजने की मांग की। राजस्थान सरकार ने कहा, हम तो मसीहा हैं सबकी मदद करते हैं। उन्होंने 70 बसें भेज दीं और कुछ दिन बाद ही 36 लाख का बिल उत्तर प्रदेश सरकार को पकड़ा दिया। यही कांग्रेस का असली चेहरा है। वो दिल से नहीं दिमाग से मदद करते हैं। आपकी परेशानी में भी पैसा कमाने का मौका तलाश लेते हैं। ट्रेन टिकट पर झूठ, मजदूरों के लिए बस का फर्जीवाड़ा और अब छात्रों के नाम पर 36 लाख की कमाई। क्या जब देश कोरोना से लड़ रहा है, तब कांग्रेस की निगाहें लोगों को लूटने पर है?

राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार से 36 लाख रुपये बसों का किराया और 19 लाख रुपये डीजल का वसूला। बस कोटा से आगरा आई तो कुछ टायर घिसा होगा, कुछ कुलेंट खर्च हुआ होगा, उसका भी बिल भेजिए इतना रहम क्यों कर रहे हैं?

आपलोगों को याद दिला दें, दिल्ली बॉर्डर से जब उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों को ला रही थी, तब हरियाणा सरकार ने 350 बसें यूपी के कई जिले भेजीं थीं और एक भी पैसा नहीं लिया। क्या 
हरियाणा की बसें पानी से चलती हैं? लूट के नाम पर कांग्रेस ही सबसे आगे क्यों रहती है?