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क्या देश के राजनीतिक पार्टियों का स्वार्थ हमारे आपके स्वास्थ्य से बड़ा है? जानिए इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

इस वक्त पूरा देश जिंदगी की सबसे बड़ी जंग लड़ रहा है। यह एक जनआंदोलन है। हम सब जानते हैं कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था कोरोना के खिलाफ युद्ध 21 दिन में जीतना है, और हम जीतेंगे। लेकिन हमें सिर्फ कोरोना को नहीं हराना है, बल्कि उन लोगों को भी हराना है जो इतनी बड़ी मुहिम के रास्ते में अपनी छोटी सी राजनीति को ला रहे हैं। कोरोना का डर कम हो रहा है। 40 लोग अब तक ठीक हो गए हैं। डॉक्टर शरीर की बीमारी ठीक कर सकते हैं। लेकिन जो  लोग राजनीतिक बीमार हैं। जिनकी राजनीतिक सोच कोरोना से पीड़ित है। उनका इलाज डॉक्टर नहीं जनता ही कर सकती है। 


अर्नब की राय

राहुल गांधी इस समय बहुत दुखी हैं वो कह रहे हैं कि 21 दिन तक देश की जनता घर में कैसे रहेगी? लोग क्या खाएंगे? कांग्रेस कई सवाल पूछ रही है? देश सिर्फ एक सवाल पूछता है कि जो लोग 2014 से घर में बंद हैं, क्या वो 21 दिन और घर में नहीं रह सकते? कांग्रेस लोगों को भड़का रही है, बयान जारी हो रहा है कि यह नोटबंदी पार्ट-2 है। आप बताइए क्या बंद है? सब सामान मिल रहा है बंद आपकी राजनीति हो गई है। आपकी राजनीति को कोरोना हो गया है। कांग्रेस कह रही है कि इस वक्त राहुल गांधी की NYAY योजना लागू होनी चाहिए। मैं कांग्रेस के साथियों को बता दूं कि ये राहुल गांधी की सरकार नहीं है, नरेंद्र मोदी की सरकार है। इसलिए वो अपनी योजनाएं इटली को OFFER कर दें। वहां कोरोना की मुसीबत भारत से ज्यादा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता I P SINGH कहते हैं कि 'देशवासियों 21 दिन तक नर्क भोगिए'। ऐसे में पूछता है भारत कि क्या आप लोगों को अपने घर में रहना नर्क लगता है इससे बड़ी शर्म और क्या हो सकती है।

इस समय हर हिंदुस्तानी सिर्फ एक बात कह रहा है कि कोरोना से लड़ने के लिए हम सरकार के साथ हैं। इसका मतलब जो इस मुश्किल में भी राजनीति कर रहे हैं वो कोरोना से भी बड़ी बीमारी हैं। जिन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल लगाया वो आज क्या पूछ रहे हैं। कह रहे हैं कि कि गरीब मजदूर 21 दिन कैसे काटेंगे। गरीब मजदूर तो 21 दिन बिताने को तैयार हैं, दिन तो आपके नहीं कट रहे हैं, इसीलिए बीमारी पर राजनीति कर रहे हैं।

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