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क्या प्रवासी मजदूरों के नाम पर कांग्रेस राजनीतिक मौका तलाश रही है? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए बस चलाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को भेजी गई 1000 बसों की लिस्ट में कई नंबर मोटरसाइलिक , थ्री व्हीलर और कार के निकल रहे हैं। 

इसके बाद कांग्रेस की महासचीव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की चौतरफा निंदा शुरू हो गई है। दरअसल, प्रियंका गांधी ने जो लिस्ट भेजा है इनमें से 31- ऑटो रिक्शा , 2 स्कूटर, 1 कार , 1 एंबुलें,  6 गुड्स कैरियर 59- स्कूल बस का नंबर शामिल है, साथ ही 70- गाड़ियों का कोई डेटा नहीं और 59 बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है। 

इसपर यूपी सरकार में मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रियंका वाड्रा ने पहले तो 1000 बसें चलाने की अनुमति मांगी, इसके बाद कांग्रेस ने लिखित झूठ बोला। सरकार को जो बसों की सूची दी गई है, उसमें अधिकतर स्कूटर, टाटा मैजिक और एम्बुलेंस का नंबर शामिल है। उन्हेंने कहा कि यह एक आपराधिक कृत्य है। ये सरकार और मजदूरों के साथ भद्दा और क्रूर मजाक है। कांग्रेस के घोटालों में यह बस घोटाला प्रियंका गांधी के द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने परिवहन की बसें चलवाई हैं। निजी बसें उपलब्ध कराई है। ट्रेनों की व्यवस्था की गई।


अर्नब की राय 

मैं देश के सभी दलों से, सभी नेताओं से हाथ जोड़कर कर रहा हूं कि BUS वाली सियासत अब बस करो। हमारे जो मजदूर भाई मुसीबत में हैं उनकी मुश्किल और मत बढ़ाओ। लेकिन जिन लोगों को मजदूरों में भी राजनीतिक मौका दिख रहा है वो क्या कर रहे हैं? आज देश के सामने है। प्रियंका वाड्रा ने दावा किया वो उत्तर प्रदेश में मजदूरों के लिए 1000 बस भेज रही थीं, लेकिन हकीकत सबके सामने है, बसों के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। देशवासियों कांग्रेस मजदूरों का मजाक क्यों बना रही है? 

प्रियंका के बस वाले झूठ के बाद आज एक बार फिर गाजियाबाद में भी भीड़ जमा हो गई। सरकार सोशल डिस्टेंसिंग की बात कर रही है और कांग्रेस अफवाह फैलाकर कर लोगों में कोरोना फैलाना चाहती है? इसके साथ ही राजस्थान और पंजाब की बसों को उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है जबकि वहां के हालात देखिए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस को अपने राज्य प्रवासी मजदूरों की चिंता नहीं है और वह उत्तर प्रदेश में राजनीति कर रही है।