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क्या संत समाज के साथ कोई बड़ा षडयंत्र किया जा रहा है? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


महाराष्ट्र के पालघर लिंचिंग केस में साधुओं का केस लड़ रहे वकील दिग्विजय त्रिवेदी की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा बुधवार को मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर हुआ। जब दिग्विजय त्रिवेदी अपनी कार से कोर्ट की ओर जा रहे थे।

जानकारी के अनुसार यह हादसा मुंबई - अहमदाबाद हाईवे पर सुबह तकरीबन 10: 30 बजे हुआ, जब वह गाड़ी खुद चला रहे थे हादसे के वक्त दिग्विजय के साथ एक अन्य महिला वकील भी बैठी हुई थीं। घटना के बाद उस महिला को गंभीर अवस्था में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
 
बता दें दिग्विजय की मौत के बाद लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं। साधु संत समेत वीएचपी ने इस मौत को लेकर साजिश की आशंका जताई है।


अर्नब की राय 

पालघर में संतों के साथ साजिशें बढ़ती जा रही है। पहले 2 संतों की हत्या और अब संतों का केस लड़ रहे वकील दिग्विजय त्रिवेदी की सड़क हादसे में मौत हो गई। संत समाज को शक है कि ये एक सड़क हादसा नहीं है बल्कि सोची समझी हत्या है! जो लोग संतों को आज तक इंसाफ नहीं दिला पाए, जिन लोगों ने संतों के सवाल पर आज कर मुंह नहीं खोला वो कह रहे हैं कि ये हादसा सिर्फ एक संयोग है। ऐसे में सवाल यह कि ये संयोग सिर्फ उन्ही के साथ क्यों होता है, जो संतों के साथ खड़े होते हैं?

अगर संतों के वकील की हादसे में मौत सिर्फ संयोग है या फिर संतों की आवाज दबाने का नया प्रयोग है?  मैंने भी संतों के लिए आवाज उठाई, मुझ पर हमला हुआ इसके साथ 6 राज्यों में 200 FIR हुई, क्या ये भी हादसा था? 

संतों की हत्या हुए एक महीने बीत गए, अगर आप संतों के साथ हैं तो बताइए आज तक संतो को इंसाफ क्यों नहीं मिला? आप लोगों ने संतों की हत्या की CBI जांच नहीं कराई? क्या इस मामले की CBI जांच कराएंगे? या इसे भी सत्ता की ताकत से दबा देंगे ? सुप्रीम कोर्ट ने आपसे जवाब मांगा, हाईकोर्ट ने आपसे जवाब मांगा पर आप लोगों ने आज तक क्या किया? कुछ नहीं किया फिर आपकी मंशा पर सवाल क्यों न उठें, अगर वकील की मौत हादसा है  तो फिर संतों की मौत को भी हादसा बता दीजिए। वहां तो पुलिस समेत हजारों लोग थे इसके बाद भी सच्चाई दबा दी गई. तो यहां तो कोई गवाह भी नहीं है।