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अगर विरोध सरकार का है, तो बार-बार हिंदुओं का अपमान क्यों किया जा रहा है? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

आज पूरे हिंदुस्तान से एक सवाल यह कि आपकी पहचान किसके है? आपके नाम से, हो सकता कुछ लोग ये भी कह सकते हैं कि आपके नाम और धर्म से, लेकिन कोई भी ये नहीं कहेगा कि मेरी पहचान श्मशान या कब्रिस्तान है। लेकिन वाड्रा कांग्रेस और उसकी साथी NCP ने हिंदू-मुसलमान के बाद अब श्मशान और कब्रिस्तान की राजनीति कर रही है।  एनसीपी के नेता जितेंद्र अहवाद ने कहा कि हम तो बता देंगे हमारे पूर्वज कौन है? क्योंकि हमने कब्रिस्तान में दफनाया है, हिंदू कहां से बताएंगे? क्या हिंदू बता सकते हैं कि उनके परदादा का अंतिम संस्कार कहां हुआ है? ऐसे में पूछता है भारत कि आखिर हर बात पर हिंदू ही निशाना क्यों बन रहे हैं? आखिर वाड्रा कांग्रेस और उसके साथियों को हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों है? इस जवाब पूरे हिंदुस्तान को चाहिए?

अर्नब की राय.. 

आपके पूर्वज कौन थे? ये आप कैसे बताते हैं उनका नाम लेकर, उनकी फोटो दिखाकर। मुझे बताइए वो कौन है जो कब्रिस्तान या श्मशान जाकर कहता है कि ये मेरा दादा हैं और ये मेरी परदादी हैं।  नागरिकता कानून और  NPR ये दोनों जिंदा लोगों के लिए है जो श्मशान में जला दिए गए हैं या कब्रिस्तान में दफना दिए गए हैं उनके लिए नही। शरीयत में लिखा है हदीस में लिखा है कि कब्र कच्ची बनानी चाहिए। अगर कच्ची कब्र कल को मिट गई बरसात में बह गई तो क्या आप अपने पूर्वजों की निशानी ख़त्म हो जाएगी?
 

अगर दादा-परदादा ही हम सबकी पहचान है फिर तो सोनिया गांधी की कोई पहचान है यह  पूरा भारत नहीं जानता कि उनके दादा-परदादा कौन हैं?
  अगर आपने स्कोलरशीप ली या प्रधानमंत्री आवास योजना में घर लिया, फिर आयुष्मान कार्ड लिया तब कब्रिस्तान या श्मशान तो दिखाया नहीं होगा। पेपर दिखाए होंगे फिर CAA, NPR पर श्मशान-कब्रिस्तान क्यों दिखा रहे हैं?
  कांग्रेस के जो नेता कल तक कहते थे कि भगवान राम थे इसका सबूत लाइए? आज वही लोग कह रहे हैं कि हम अपने बाप-दादा का सबूत कहां से लाएंगे? 

उन्होंने कहा ''मैं आपको बता दूं कि NPR में क्या पूछा जाएगा। व्यक्ति का नाम, माता/पिता का नाम, जन्मतिथि, SEX,MARRIED हैं या नहीं, EDUCATION और ADDRESS। मुझे बताइए इसमें कहा लिखा है कि अपने बाबा , दादी का श्मशान या कब्रिस्तान दिखाना है

। मेरी मुसलमान भाइयों से एक अपील है कोई नेता आपको ये नहीं बताएगा कि CAA लोगों के लिए है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक थे। और 31 दिसंबर, 2014 के पहले भारत आए थे। इसका मतलब वो भारत में रह रहे थे। अगर अब तक वो आपके लिए ख़तरा नहीं बने अब तक आपकी नागरिकता नहीं गई। तो अब क्यों जाएगी। ये कब्रिस्तान, श्मशान सिर्फ आपको भड़काने के लिए हैं
। जो लोग मुसलमानों डरा रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश है। मैं उन्हें बता दूं कि  CAA और NPR तीनों में कहीं भी मुसलमान शब्द नहीं है फिर हिंदू राष्ट्र की साजिश कैसे। CAA नागरिकता देने के लिए है श्मशान या काब्रिस्तान की गिनती करने के लिए नहीं। NRC जैसा कोई कानून देश में है नहीं।  NPR सिर्फ जनसंख्या का आकड़ां है। मुझे बताइए इसमें किसी के पूर्वज का नाम कहां है?  जो लोग कब्रिस्तान- श्मशान कर रहे हैं वो हमारे मुसलमान भाइयों से झूठ बोल रहे हैं क्योंकि सरकार सिर्फ जानकारी मांग रहे हैं? दस्तावेज नहीं मांग रही है? दस्तावेज, कब्रिस्तान, श्मशान तो ये नेता कर रहे हैं।

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