General News

क्या सनातन संस्कृति को कमजोर करने की साजिश हो रही है? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस नेता पंकज पूनिया को  करनाल से उनके विवादित ट्वीट्स को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल यूपी बस विवाद के बाद  कांग्रेस के नेता पंकज पूनिया ने सीएम योगी आदित्यनाथ और संघ को लेकर कई विवादित ट्वीट किए थे। जिसके बाद पूनिया के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराया गया।

पंकज पूनिया ने अपने ट्वीट में लिखा, कांग्रेस सिर्फ मजदूरों को अपने खर्च पर उनके घर पहुंचाना चाहती थी। बिष्ट सरकार ने राजनीति शुरू कर दी। भगवा लपेटकर नीच काम संघी ही कर सकते हैं। इसके अलावा भी उन्होंने अपने ट्वीट भी विवादित टिप्पणी की। विवाद बढ़ने के बाद पूनिया ने ट्वीट डिलीट कर दिया।

अर्नब की राय 

अर्नब की राय 

इस समय हिंदुस्तान में  भगवा को गाली देना, संतों का अपमान करना और हिंदू धर्म को नीचा दिखाना सबसे बड़ा फैशन हैं। ये सब कुछ सोच-समझ कर साजिश की तरह किया जा रहा है और इस साजिश का सबसे बड़ा संगठन शामिल है। संतों की हत्या पर चुप रहने वाली कांग्रेस, अब भगवा पहनने वालों को नीच बता रही है। देशवासियों, जो भगवा देश की संस्कृति, सभ्यता और स्वाभिमान का नेतृत्व करता हो उस भगवा को गाली दी जाए तो क्या देश चुप रहेगा? जो भगवा सनातन संस्कृति का सिरमौर हो, उसका अपमान हो तो क्या हमें मंजूर होगा? भगवा सिर्फ रंग नहीं है, वो सूरज का तेज है आग की तपिश है।  भगवान राम से लेकर भक्त हनुमान तक, ऋषियों और आचार्य से लेकर शंकराचार्य तक, स्वामी विवेकानंद से लेकर स्वामी दयानंद तक, यह भगवा भारत की पहचान है। क्या उस भगवा को गाली देना देश के गौरव पर  ग्रहण नहीं हैं? जो लोग भगवा को गाली दे रहे हैं उनको बता दूं कि सनातन संस्कृति में भगवा धर्म ,त्याग ,बलिदान, ज्ञान, शुद्धता और सेवा का शास्वत प्रतीक है। इसलिए भगवा पर सवाल पूरी हिंदू संस्कृति और सभ्यता पर सवाल है। सनातन धर्म का हर हिस्सा भगवा को भगवान मानता है। यही वजह है कि भगवा के अपमान पर पूरा हिंदुस्तान गुस्से में है।

आप लोगों को आखिर भगवा से ही नफरत क्यों है। क्या कलर ब्लाइंडनेस है कोई और रंग आप लोगों को नहीं दिखताया फिर आपने आपने भगवे ग्लास वाला चश्मा लगा लिया है।