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राजनीति के नाम खाना भी हुआ हिंदू-मुसलमान? जाने इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

देश के आम बजट की छपाई शुरू होने से पहले होने वाली 'हलवा सेरेमनी' के नाम पर सियासत गरमा गई है। इसी क्रम में हम सब को पता चलेगा कि हलवा मुसलमान होता है और पूड़ी हिंदू होती है। आज आपको पता चलेगा दिल्ली का लाल किला मुसलमान है और इंडिया गेट ईसाई है। देश को ये सारी जानकारी महान विद्वान असदुद्दीन ओवैसी ने दी है। हो सकता है कल को 
ओवैसी ये भी कह दें कि मुसलमान गाजर का हलवा न खाएं क्योंकि उसका रंग भगवा होता है। वो तो हिंदू है। लौकी का हलवा खाइए वो हरे रंग का है इसलिए मुसलमान है। औवैसी जैसी सोच रखने वाले ये भी कह रहे हैं हिंदुस्तान पर तो 800 साल तक मुगलों का शासन था। हिंदू तो उनके नौकर की तरह थे। तुम उनसे सबूत मांगने वाले कौन हो? अरे इतनी नफरत कहां से लाते हो भाई ?  हर दिन हिंदुओ का अपमान करने वाली बातें कैसे बना लेते हो अब बहुत हो गया, अब देश को इसका जवाब चाहिए?

अर्नब की राय 

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा- "हलवा एक अरबी शब्द है और वित्त मंत्री इस दौरान पूजा कर रही थीं, क्या अब ये लोग अरबी हो गए. अब ये लोग इसका भी नाम बदल देंगे।  बीजेपी समझती है कि मैं हलवा हूं, लेकिन मैं लाल मिर्ची हूं। रोटी बनाने की शुरुआत 5000 साल पहले सिंधु घाटी की सभ्यता में हुई। इसका मतलब रोटी हिंदू है तो क्या अरबी प्रेमी आज से रोटी कहना बंद कर देंगे। मुझे बताइए कौन सा मुसलमान रोटी को खाबूस कहता है। आज असदुद्दीन औवैसी को अरबी सिखा देता हूं। सिम कार्ड को अरबी में कहते हैं। सारिहा और मोबाइल को कहते हैं डोभाल। अब बताइए अगर औवेसी को अरबी से इतना प्यार है तो वो सिम कार्ड को SARIHA और मोबाइल को JOVAL क्यों नहीं कहते।

हिंदुस्तानी की जो भाषा है। वो हिंदी और उर्दू का मिले-जुला रूप है। इसे हिंदुस्तानी कहते हैं जिस तरह हिंदी और उर्दू मिलाकर हिंदुस्तानी बना वैसे ही हिंदू-मुसलमान मिलकर हिंदुस्तान बना है। फिर राजनीति के लिए नफरत की बोली क्यों? 


अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा- लोग पूछ रहे हैं कि मुसलमान के पास क्या है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि तू मेरे कागज देखना चाहता है। मेरे पूर्वजों ने 800 साल तक इस मुल्क पर राज किया ये मुल्क मेरा था, मेरा है और मेरा रहेगा। मेरे अब्बा और दादा ने इस मुल्क को चारमीनार दिया, कुतुब मीनार दिया, जामा मस्जिद दिया। हिंदुस्तान का पीएम जिस लाल किले पर झंडा फहराता है उसे भी हमारे पूर्वजों ने ही दिया है।'

उन्होंने कहा ''जो लोग कह रहे हैं कि 800 साल तक हिंदुस्ताम मुगलों का गुलाम था.. वो जरा ध्यान से सुनें.. भारत में इस्लाम 7वीं शताब्दी में आया.. उसके पहले तो यहां सब हिंदू ही थे.. अगर आज हिंदू कहें कि हिंदुस्तान तो सिर्फ हिंदुओं का था.. मुसलमान तो हमलावर थे.. तो बताइए, आपको कैसे लगेगा?
 जो लोग कह रहे हैं कि लाल किला चार मीनार उनके बाप-दादा  ने बनवाया वो ये क्यों नहीं बताते के उनके बाप दादा ने सोमनाथ का मंदिर तोड़ा, काशी विश्वनाथ का मंदिर तोड़ा, अयोध्या में भगवान राम का मंदिर तोड़, मथुरा में कृष्ण का मंदिर तोड़ा
। लाल किले पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं वो किसी के मां-बाप का नहीं है। वो पूरे हिंदुस्तान का है। वो जितना असदुद्दीन ओवैसी का है। उतना ही अर्नब गोस्वामी का है। जो लोग कह रहे हैं कि मुगलों ने भारत में मशहूर इमारते बनाईं। उन्हें मैं बता दूं, भारत में पहली मस्जिद राम वर्मा कुलशेखर के आदेश पर  629 ईस्वी में बनी थीं। ये हिंदू-मुसलमान आप लोग कर रहे हो। हमारे पूर्वजों ने नहीं किया। अगर कुतुबमीनार मुगलों ने बनाया तो मुझे बताइए वहां जो लौह स्तंभ है वो किसने बनाया था। चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने, कुतुबुद्दिन अबिक  कुतुबुद्दीन ऐबक का किला टूट गया। लेकिन लौह स्तंभ आज भी है तो क्या हिंदू ये कहें कि कुतुबुद्दीन ऐबक कभी था नहीं।  केरल में ज्यादातर मस्जिदों का डिजाइन आप जानते हैं कौन बनाता है। गोविंदन गोपालकृष्णन। तो क्या केरल की मस्जिंदे हिंदू हैं। क्या केरल के हिंदू, इस मस्जिद को अपने होने का सबूत बताएंगे। जिनके पूर्वज ने 800 साल तक भारत में शासन किया वो लोग डरे हुए क्यों हैं? क्यों कह रहे हैं कि हिंदुस्तान में मुसलमान डरे हैं? क्यों आप आरक्षण मांगते हैं?

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