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VIDEO : अनुपम खेर ने 'अवार्ड वापसी गैंग' पर किया करारा प्रहार : कहा - ये भेड़चाल है शेर हमेशा अकेले घूमता है.

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

अभिनेता अनुपम खेर की आने वाली चर्चित फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' का ट्रेलर रिलीज होते ही राजनीतिक गलियारों में सियासी पारा परवान पर है. इस बीच फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे अभिनेता अनुपम खेर ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर - इन - चीफ अर्नब गोस्वामी से बात की. नेशन वांट्स टू नो प्रोग्राम में शरीक हुए अनुपम खेर ने 'अवार्ड वापसी गैंग' पर प्रहार करते हुए कहा कि ''हाथों में मोमबत्ती और नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रर्दशन करने वाले छिप रहे हैं.'' 

अनुपम खेर ने कहा,'' मेरे पिता ने मुझे एक सबक सिखाया था . उन्होंने एक बार मुझसे पूछा कि मैं ज्यादा फिल्में क्यों नहीं कर रहा हूं . मैं उन्हें एक स्मार्ट जवाब देना चाहता था. इसलिए मैंने पिता से कहा कि मैं चूहे की दौड़ में नहीं हूं. उन्होंने कहा ओह ! आपने चूहों की दोड़ छोड़ दी है. वह भयभीत लोग हैं. उन्में से कोई एक साहस के प्रतीक बना जाते हैं. वह भीड़ में खो जाते हैं. एक व्यक्ति जो अपने कमर्फ्ट जोन से बाहर निकलता है वह एक उदाहरण बन जाता है. ये अवार्ड वापसी गैंग की भी यही सच्चाई है. वे भीड़ का हिस्सा हैं . अनुपम ने कहा, ''ये भेड़चाल है. शेर हमेशा अकेले घूमता है. अकेले घूमने के लिए गरीबी देखी होनी चाहिए .
 

खेर ने आगे कहा कि मैंने पूर्व प्रधानमंत्री के व्यवाहर और तौर -तरीकों को अपनाने में काफी हद तक प्रयास किया. और मैं अपनी कड़ी मेहनत के लिए उनकी सराहना की उम्मीद करता हूं. 

अनुपम खेर ने कहा, ''इस फिल्म में काफी हास्य सीन दिखाए गए हैं. जो काफी मजेदार हैं. फिल्म में एक दिलचस्प किस्सा भी है जिसमें वह (पूर्व प्रधानमंत्री ) बारू के सामने अपने भाषण का अभ्यास करते नजर आ रहे है. इसके बाद वह बारू से कहते हैं 'ठीक था'. जिसके लिए बारू 'ना' कह देते हैं. ऐसे ही कई दिलचस्प किस्से फिल्माए गए हैं.'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के लोगों को अपने कार्यकर्ताओं को फिल्म देखने और दिखाने के लिए कहना चाहिए.

डॉ. मनमोहन सिंह के चलने के बारे में बोलते हुए अनुपम खेर ने कहा कि, '' मैं उनकी तरह एक हफ्ते तक चल नहीं पा रहा था. मैंने दिन - रात उनके यूट्यूब वीडियो देखे. जिसे देख कर लगा कि मुझमें स्थिरता की जरूरत हैं,  क्योंकि डॉ. मनमोहन सिंह में एक स्थिरता हैं और सबसे मुश्किल उनकी तह बोल पाना था. इसके लिए मैंने तीन महिने प्रैक्टिस की. 

बता दें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आधारित बनी फिल्म आने से करीब 15 दिन पहले ही भारतीय राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया. इस फिल्म को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. 

आपको बता दें कि फिल्म में अनुपम खेर के अलावा अक्षय खन्ना भी अहम किरदार निभा रहे हैं. अक्षय कुमार ने संजय बारू का किरदार निभाया है. संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री के  मीडिया सलाहकार थे. उन्हीं की लिखी किताब पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. 

फिल्म में अनुपम खेर , अक्षय कुमार के अलावा लिपस्टिक अंडर माय बुर्का फेम अहाना भी हैं. वह इस फिल्म में प्रियंका गांधी वाड्रा का किरदार निभा रही हैं. 

वहीं अर्जुन माथुर राहुल गांधी के रोल में विमल वर्मा लालू प्रसाद यादव , अतार सैनी लालकृषण अडवाणी और अन्नी रस्तोगी शिवराज पाटिल के किरदार में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर देख कर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है , इसमें मनमोहन सिंह की सरकार तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष के दबाव को लेकर कितना कुछ और तमाम बड़ी राजनीतिक घटनाओं को दिखाया गया है. 

याद दिला दें कि इस फिल्म की कहानी संजय बारू की किताब पर आधारित है. जब यह किताब आई थी तब इसकी खूब आलोचना हुई थी. संजय ने 2004 से 2008 के बीच मनमोहन सिंह के साथ काम किया . 

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