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AMU के शाकाहारी छात्रों का बड़ा आरोप, बोले- 'जिसमें भूना चिकन, उसी तेल में पूड़ियां तलकर खिलाईं'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में से एक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम एक बार फिर नए विवाद के साथ सुर्खियों में बना हुआ है . इस विवाद की वजह कोई पोस्टर या तस्वीर नहीं बल्कि खाने को लेकर है .  दरअसल , एएमयू में रहने वाले शाकाहारी छात्रों ने विश्वविघालय प्रशासन पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है . छात्रों का आरोप है कि छात्रों ने सोमवार को आरोप लगाया कि उन्हें उसी तेल में तला हुआ भोजन दिया जाता है जिसमें मांसाहारी भोजन तला जाता है . हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आरोप को सिरे से नकारा दिया है . 

एएमयू के सर सैययद हॉल (उत्तर) के छात्रों ने कुलपति को पत्र लिखकर आरोप मेस संचालक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पहले तेल में मीट को तला फिर उसी तेल में पूड़ियों को भी तल दिया गया. उन्होंने छात्रावास के प्रोवोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है .

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यह विवाद रविवार को उस वक्त सामने आया जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष निखिल महेश्वरी ने एक बयान जारी किया जिसमें आरोप लगाया गया कि यह हिन्दू समुदाय के खिलाफ सोची समझी साजिश है . इस बारे में रविवार को एक लिखित शिकायत बन्ना देवी पुलिस थाने में दर्ज करायी गयी है . विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है .

एएमयू के प्रवक्ता प्रो शाफे किदवई ने कहा कि प्रोवोस्ट ने प्रारंभिक जांच में पाया कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार है . उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी छात्रों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाता है और ऐसा विश्वविद्यालय के गठन के समय से होता आ रहा है .

इससे पहले भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी उस समय विवादों में आ गई थी जब उसने  सर शाह सुलेमान हॉल में अपने पुरुष छात्रों को छात्रावास से शॉर्ट्स और चप्पलों में अपने छात्रावास से बाहर ना आने के लिए कहा था.  इस बात को हाइलाइट करते हुए कि फ्रेशर्स विश्वविद्यालयों के आवासीय जीवन में " अभिशप्त" गतिविधियों में शामिल हैं, प्रशासन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की "मूल परंपराओं" को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई थी. 

(इनपुट- भाषा से भी)

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