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अमेठी से राहुल गांधी के नामांकन पर मचा घमासान, निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल ने उठाए गंभीर सवाल

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अमेठी और केरल की वायनाड सीटों से प्रत्याशी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठा है। अमेठी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ध्रुवलाल के वकील रवि प्रकाश ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष राहुल की नागरिकता को लेकर सवाल उठाया है । उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश नागरिकता ली थी इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाए ।

रवि प्रकाश ने ब्रिटेन में पंजीकृत एक कंपनी के कागजात के आधार पर यह दावा किया है ।

राहुल भारतीय या ब्रिटिश नागरिक?

2004 के चुनावी हलफनामे में, राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि वह एक ब्रिटिश कंपनी के निदेशक थे, जिसे बैकॉप्स लिमिटेड कहा जाता था। 2005 में कंपनी द्वारा ब्रिटिश अधिकारियों को प्रस्तुत एमओयू में, गांधी की राष्ट्रीयता को ब्रिटिश के रूप में लिखा गया है। जीवीएल ने कहा कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करना से भारतीय नागरिकता का हनन करता है। ऐसी स्थिति में वो भारत की किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते।

राहुल की डिग्री पर सवाल

2004 के चुनावी हलफनामे में, राहुल गांधी ने उल्लेख किया था कि उन्होंने 1989 में अपनी सीनियर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी की थी, जिसके बाद उन्होंने 1995 में ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में एम फिल किया, जबकि 2009 और 2014 के एफिडेविट में उन्होंने 1994 में फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज से आर्ट्स में बैचलर्स की डिग्री का जिक्र किया था। बीजेपी ने सवाल किया कि 1994 में राहुल गांधी ने अपने स्नातक करने के एक साल बाद एम फिल की डिग्री कैसे हासिल कर ली। इसके अलावा, हलफनामे में सबजेक्ट के नाम पर अंतर पर प्रकाश डाला गया। 2009 के चुनावी हलफनामे में कहा गया है कि उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से "डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स" में एम. फिल किया, जबकि 2014 और 2019 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने कहा कि उनके पास  "ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से "डेवलपमेंट" में एम फिल की डिग्री है। 

डिग्री में नाम को लेकर विवाद

राहुल गांधी के नामाकंन पत्र में नाम के विवाद पर ध्रुव लाल द्वारा उठाए गए सवाल पर प्रकाश डालते हुए जीवीएल ने कहा कि वर्ष 1994-05 में फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज ने बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री जारी की थी और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (ट्रिनिटी कॉलेज) ने वर्ष 2004-05 में "राउल विंसी" के नाम पर डेवलपमेंट स्टडीज में  ए. फिल की डिग्री जारी की थी, ना कि राहुल गांधी को।

बीजेपी ने कांग्रेस से मांगी सफाई

मामले की गंभीरता को समझते हुए बीजेपी ने मामला सामने आते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल और कांग्रेस से सफाई मांगी है। भाजपा प्रवक्‍ता जीवीएल नरसिम्‍हा राव ने जो आरोप लगाए गए हैं, और उन सवालों के जवाब राहुल गांधी के वकील के पास नहीं थे। आज पूरा देश स्तब्ध है।

राहुल की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए नरसिम्‍हा राव ने कहा कि राहुल गांधी को सोमवार तक का समय दिया गया है। मुझे लगता है कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि उनकी नागरिकता को लेकर जो आपत्तियां जताई गई हैं, उनका जवाब नहीं दिया गया है।

बीजेपी नेता ने आगे कहा कि राहुल गांधी का नाम ब्रिटेन में एक कंपनी से संबंधित दस्तावेजों में ब्रिटिश नागरिक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। क्या राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक थे?

राहुल के वकील ने मांगा समय

राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक ने शिकायत में व्यक्त आपत्तियों पर जवाब के लिए समय मांगा । निर्वाचन अधिकारी ने 22 अप्रैल सोमवार सुबह साढे दस बजे का समय तय किया है ।

इस बीच कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा ने शनिवार को कहा, 'जो भी आपत्तियां दाखिल की गयी हैं, उनका निर्धारित तारीख पर कानूनी रूप से जवाब दिया जाएगा ।' उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर याचिका दायर करने वाले से शुक्रवार को कहा कि वह अपनी शिकायत उठाने के लिए केन्द्र सरकार की सक्षम प्राधिकार से संपर्क करें ।

न्यायमूर्ति डी के अरोडा और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ ने आर के सिंह की याचिका पर उक्त निर्देश दिया । पीठ ने एक दिसंबर 2015 के आदेश को भी संज्ञान में रखा, जिसमें निर्देश दिया गया था कि याचिकाकर्ता यह मुददा उठाने के लिए केन्द्र सरकार से संपर्क करे ।

याचिका में आरोप है कि एक मामले में राहुल गांधी ने ब्रिटेन में आयकर रिटर्न दाखिल किया है और खुद को ब्रिटेन का नागरिक दर्शाया है ।
 

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