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हैदराबाद कांड के सभी आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, "मौका-ए-वारदात से भागते" वक्त पुलिस ने मार गिराया

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

हैदराबाद में एक पशु चिकित्सक के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या कर देने के सभी चारों आरोपी शुक्रवार सुबह पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए। इस घटना की कई लोगों ने प्रशंसा की जबकि कुछ लोगों ने इस ‘‘न्यायेतर कार्रवाई’’ पर चिंता व्यक्त की।

इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह साढ़े छह बजे की है। जांच के लिए पुलिस आरोपियों को घटनाक्रम की पुनर्रचना के लिए घटनास्थल पर ले गई थी।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘उन्होंने (आरोपियों) पुलिस से हथियार छीने और पुलिस पर गोलियां चलाईं। आरोपियों ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने जवाब में गोलियां चलाईं। इस दौरान चारों आरोपी मारे गए।’’

अधिकारी ने बताया कि इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

हैदराबाद में पशु चिकित्सक युवती से बलात्कार और उसकी हत्या कर देने के चारों आरोपियों की आयु 20 से 24 वर्ष थी। उनमें से एक लॉरी चालक था और बाकी हेल्पर थे। उन्हें 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

आरोपियों ने बलात्कार के बाद युवती की गला दबाकर हत्या कर दी थी और बाद में शव को जला दिया था।

उन्हें सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर पर कुछ लोगों ने खुशी जताई है जबकि कुछ लोगों ने इस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की है।

आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने से मृतका का परिवार खुश है और इसके लिए उन्होंने पुलिस तथा तेलंगाना सरकार का शुक्रिया भी अदा किया।

मृतका के पिता ने कहा, ‘‘हमने टीवी पर देखा कि वे मुठभेड़ में मारे गए। हम खुश हैं। लोग भी खुश हैं। मैं मुठभेड़ के लिए तेलंगाना सरकार और पुलिस का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं हमारे साथ खड़े रहे सभी लोगों का शुक्रिया करता हूं।’’

उसकी बहन ने उम्मीद जताई कि इस मुठभेड़ से महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध करने वालों में डर उत्पन्न होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम खुश हैं। हमें इसकी उम्मीद नहीं थी। हमें लगा था कि उन्हें अदालत के जरिए फांसी मिलेगी।’’

मृतका की बहन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे साथ खड़े रहे हर एक शख्स का हम शुक्रिया करते हैं। इस घटना के बाद लोगों को ऐसी घटनाएं (महिलाओं के खिलाफ) करने से डरना चाहिए।’’

हैदराबाद बलात्कार एवं हत्याकांड की शिकार महिला को ‘दिशा’ नाम दिया गया है और दिल्ली में बलात्कार की शिकार हुई युवती को ‘निर्भया’ नाम दिया गया था।

गौरतलब है कि दिल्ली में 23 वर्षीय पैरा-चिकित्सक छात्रा निर्भया के साथ दिसम्बर 2012 में सामूहिक बलात्कार किया गया था और कुछ दिन इलाज के बाद उसने सिंगापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

निर्भया के माता-पिता ने हैदराबाद की महिला से बलात्कार और उसकी हत्या करने के आरोपियों के मारे जाने पर खुशी जताई।

निर्भया की मां ने अधिकारियों ने अपील की कि मुठभेड़ में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।

निर्भया के पिता ने भी मुठभेड़ पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार का न्याय के लिए इंतजार जल्दी खत्म हो गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ हैदराबाद की चिकित्सक के परिवार को हमारी तरह न्याय के लिए सात वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस ने सही किया।’’

मुठभेड़ स्थल पर कई लोगों ने एकत्र होकर जश्न मनाया और पुलिस को बधाई दी। लोगों ने ‘तेलंगाना पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाए। कुछ महिलाओं को पुलिसकर्मियों को मिठाई बांटते भी देखा गया।

इस बीच, कई नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

बलात्कार एवं हत्या के आरोपियों की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत के मामले में सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि ‘‘देर आए दुरुस्त आए।’’

सपा की राज्यसभा सदस्य जया बच्चन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं द्वारा इस मुठभेड़ के बारे में पूछे जाने पर अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया में इतना ही कहा ‘‘ बहुत देर कर दी । देर आए दुरुस्त आए।’’

उल्लेखनीय है कि बच्चन ने राज्यसभा में इस मामले पर चर्चा के दौरान महिला हिंसा से जुड़े इस तरह के गंभीर मामलों के आरोपियों को भीड़ के हवाले कर देने का सुझाव देते हुए बर्बरता करने वालों के साथ कठोरतम रवैया अपनाने की बात कही थी।

उन्नाव सहित अन्य स्थानों पर भी महिलाओं से बलात्कार के बाद निर्मम हत्या के मामलों में आरोपियों के साथ हैदराबाद पुलिस की तरह ही रवैया अपनाने के सवाल पर बच्चन ने कहा, ‘‘मैं कुछ नहीं कहूंगी।’’

बसपा अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना और देश के अन्य राज्यों में महिला उत्पीड़न, बलात्कार और उन्हें जिन्दा जलाकर मारने जैसी जघन्य घटनाओं को दुःखद बताते हुए कहा कि पुलिस ऐसे आपराधिक तत्वों को सरकारी मेहमान बनाकर उनकी आवभगत करने के बजाए हैदराबाद पुलिस की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई करती है तो ऐसे अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

गोवा प्रदेश महिला कांग्रेस प्रमुख प्रतिमा कौटिन्हो ने कहा, ‘‘ हैदराबाद पुलिस को सलाम। न्याय हो गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अब मृतका की आत्मा को शांति मिलेगी।

लेकिन कुछ अन्य ने इस मुठभेड़ पर चिंता भी व्यक्त की।

कांग्रेस नेता एवं लोकसभा सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘ सैद्धांतिक रूप से सहमत हूं। हमें और जानने की जरूरत है, उदाहरण के लिए अगर आरोपियों के पास हथियार थे तो पुलिस का गोली चलाना सही था। विस्तृत जानकारी मिलने तक इसकी निंदा करना सही नहीं है, लेकिन कानून के समाज में न्यायेतर हत्याएं स्वीकार्य नहीं हैं।’’

भाजपा नेता मेनका गांधी ने तेलंगाना सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले के चार आरोपियों के हैदराबाद पुलिस द्वारा कथित मुठभेड़ में मारे जाने पर कहा कि इससे देश के लिए ‘‘भयानक’’ परिपाटी शुरू होगी।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने संसद भवन परिसर में कहा, ‘‘जो भी हुआ बहुत भयानक हुआ है इस देश के लिए...आप लोगों को इसलिए नहीं मार सकते क्योंकि आप ऐसा करना चाहते हैं। आप कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते, उन्हें (आरोपियों को) अदालत से तो फांसी मिलनी ही थी।’’

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि आरोपियों के मारे जाने से खुश हूं, लेकिन न्याय उचित कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए।

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की सचिव कविता कृष्णन के अनुसार यह न्याय नहीं है, बल्कि पुलिस, न्यायपालिका एवं सरकारों से जवाबदेही और महिलाओं के लिए न्याय एवं उनकी गरिमा की रक्षा की मांग करने वालों को चुप करने की ‘‘साजिश’’ है।

कृष्णन ने कहा, ‘‘महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में सरकार की नाकामी के बारे में हमारे सवालों का जवाब देने और अपने काम के लिए जवाबदेह बनने के बजाए तेलंगाना के मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस ने पीट-पीट कर हत्या करने वाली भीड़ के नेताओं की तरह काम किया है।’’

उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ अभियोग चलाया जाना चाहिए।

‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमन’ (एनएफआईडब्ल्यू) की महासचिव एनी राजा ने कहा, ‘‘देश में सभी कानून मौजूद होने के बावजूद सरकारें इन्हें लागू करने में नाकाम हो रही हैं। निश्चित ही यह ध्यान भटकाने के लिए किया गया। यह मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।’’

वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता वृंदा ग्रोवर ने इस घटना को ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ करार दिया। उन्होंने इस मामले में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की।

‘अनहद’ (एक्ट नाउ फॉर हारमनी एंड डेमोक्रेसी) की संस्थापक सदस्य शबनम हाशमी ने भी इस बात पर सहमति जताई कि यह लोगों का ध्यान खींचने की सरकार की कोशिश हो सकती है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश जहां एक ओर हैदराबाद पशु-चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की खुशी मना रहा है, वहीं न्याय प्रणाली से लोगों का विश्वास उठ जाना भी एक चिंता का विषय है।



कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी इस मुठभेड़ पर सवाल किए और ‘‘निष्पक्ष जांच’’ की अपील की।

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