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अगले लोकसभा चुनाव से पहले सभी घुसपैठियों को देश से बाहर कर देंगे: अमित शाह

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले सभी घुसपैठियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा। शाह ने यहाँ एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी), अनुच्छेद 370 और राफेल खरीद के मुद्दों का जिक्र किया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, जब हम 2024 में आपसे वोट मांगने आएंगे तो उससे पहले मैं यह बताना चाहता हूं कि तब तक हम देश से हर घुसपैठिये को बाहर निकाल चुके होंगे।”

शाह ने हरियाणा में बुधवार को अपनी तीन रैलियों में से पहली रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा 'शस्त्र पूजा' की आलोचना को लेकर उस पर (कांग्रेस पर) निशाना साधा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को फ्रांस द्वारा भारत को लड़ाकू विमान सौंपे जाने पर 'शस्त्र पूजा' की थी।

उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से पूछा पूछा, “शस्त्र पूजा परंपरा का पालन होना चाहिए या नहीं? हमें इस परंपरा को जारी रखना चाहिए या नहीं?”

असम में एनआरसी को लेकर विवाद पर उन्होंने कहा, “सत्तर वर्षों से घुसपैठियों ने देश की सुरक्षा को चुनौती दी है।

उन्होंने कहा कि एनआरसी के जरिये भाजपा सरकार सभी घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।”

शाह ने कांग्रेस और उसके स्थानीय प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला पर एन आर सी पर अमल के विरोध का आरोप लगाते हुए वहां उपस्थित लोगों से पूछा , “घुसपैठियों को बाहर निकाला जाना चाहिए या नहीं?”

शाह ने कहा, “कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि वे तीन तलाक और अनुच्छेद 370 और 35-ए को हटाने के विरोध में क्यों थे। उन्होंने एन आर सी का विरोध क्यों किया?” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राफेल की शस्त्र पूजा करने पर कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा इसकी आलोचना किये जाने के मुद्दे पर शाह ने कहा, “राजनाथ जी ने फ़्रांस में शस्त्र पूजा की लेकिन कांग्रेस के लोगों को यह बुरा लगा।”

उन्होंने कहा शस्त्र पूजा की परंपरा का पालन किया जाना चाहिए या नहीं। हमें यह परंपरा जारी रखनी चाहिए या नहीं। लेकिन कांग्रेस के लोग इसका भी विरोध कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने का विरोध किया। मैं राहुल से पूछना चाहता हूँ कि वह अनुच्छेद 370 के पक्ष में हैं या विरोध में।’’ शाह ने कहा कि किसी पूर्ववर्ती सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने का साहस नहीं किया लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में वापस आते ही संसद के पहले सत्र में यह कर दिखाया।

उन्होंने कहा, “हमें आशा की थी कि इस पर सभी पार्टियों का साथ मिलेगा क्योंकि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला था।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार द्वारा लिए गए हर निर्णय का विरोध करती है।

शाह ने कहा कि देश में लोगों में ऐसी भावना थी कि अनुच्छेद 370 और 35-ए के कारण जम्मू कश्मीर राज्य का भारत में पूर्ण एकीकरण नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के लिए अपने प्राण न्योछावर किये हैं।

शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बांग्लादेश युद्ध में इंदिरा गांधी की प्रशंसा की थी क्योंकि वह कांग्रेस की जीत का नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित का मामला था। शाह ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।

उन्होंने मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह से कम लेकिन अधिक प्रभावी विदेश यात्राएं की हैं।

शाह ने दावा किया कि मनमोहन सिंह के विदेश दौरे विफल रहे। उन्होंने कैथल के वर्तमान विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी जी कुछ भी करते हैं तो सुरजेवाला को पेट दर्द होने लगता है।”

शाह ने कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रालोद के ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकारों पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हुड्डा और चौटाला के शासन में 'गुंडाराज' और 'भ्रष्टाचार' बढ़ा।

उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार मुक्त है।

(इनपुट- भाषा)

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