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अखिलेश यादव ने रद्द किया रामपुर का दौरा, कहा- '2022 में अकेले लड़ेंगे चुनाव'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद आजम खां के समर्थन में सोमवार को रामपुर जा रहे पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुहर्रम और गणेश चतुर्थी के मद्देनजर जिला प्रशासन के लाचारी जाहिर करने के बाद अपने दौरा निरस्त करते हुए कहा कि वह अब 13 सितम्बर को रामपुर जाएंगे।

अखिलेश ने आनन-फानन में बुलायी गयी प्रेस कांफ्रेंस में कहा 'मुझे आज रामपुर के दौरे पर जाना था। रास्ते में मुझे सीतापुर, शाहजहांपुर और बरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करनी थी लेकिन मुहर्रम और गणेश चतुर्थी की वजह से मैंने अपना दौरा दो दिन के लिये रद्द कर दिया है। अब मैं 13 और 14 सितम्बर को जाऊंगा। मैं प्रशासन को अपने एक-एक कार्यक्रम की जानकारी दूंगा, शायद तब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा 'रामपुर जिला प्रशासन ने सपा से कहा था कि मुहर्रम के दौरान जिले में 625 ताजिया जुलूस निकाले जाने हैं। साथ ही गणेश चतुर्थी पर जगह-जगह भंडारे का आयोजन होना है। स्थिति को देखते हुए जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गयी है।' अखिलेश ने कहा 'लोकतंत्र में कोई हमें लोगों से मिलने से नहीं रोक सकता। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। रामपुर जिला प्रशासन सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहता। ऐसे प्रचार किया जा रहा है कि जैसे मैं रामपुर में दंगा करवाने जा रहा हूं।' अखिलेश ने रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय सिंह पर सरकार की शह पर आजम खां के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिंह का कार्यकाल खत्म होने वाला है और वह सेवा विस्तार के लिये सरकार को खुश करने में जुटे हैं।

उधर, जिलाधिकारी आंजनेय सिंह ने अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा 'हमारी मुख्य चिंता मुहर्रम है। यह लोगों की संवेदनाओं से जुड़ा त्योहार है। उनके (अखिलेश) अगर रामपुर में ही कार्यकर्ताओं से मिलने की बात है तो कोई समस्या नहीं। लेकिन अगर वह बाहर जाते हैं तो जुलूस निकालने में दिक्कत होगी।' अखिलेश को सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर रामपुर जाना था। वहां उन्हें आजम और उनके परिवार से मुलाकात करनी थी। साथ ही उन्हें कार्यकर्ताओं से भी मिलना था।

सपा अध्यक्ष ने रामपुर से पार्टी सांसद आजम खां का बचाव करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन के दबाव में उन पर झूठे आरोपों में मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। कई ऐसे मुकदमे हैं जिनकी जानकारी किसी को है ही नहीं। करीब 10-12 साल पुरानी चीजें निकालकर मुकदमें दर्ज हो रहे हैं। प्रशासन लोगों पर दबाव डालकर उनसे मुकदमे की शिकायतें ले रहा है। यह सब आजम द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय को खत्म करने के लिये हो रहा है।

अखिलेश ने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में किसी के खिलाफ इतनी बड़ी संख्या में मुकदमें दर्ज नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वह और पूरी समाजवादी पार्टी आजम के साथ है और वह उनके लिये हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। साथ ही कानूनी लड़ाई का रास्ता भी निकालेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि जौहर विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य हो और वहां के छात्रों का भविष्य उज्ज्वल हो।

गौरतलब है कि रामपुर से सपा सांसद और प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां पर मौलाना मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिये गरीबों की जमीन जबरन छीनने समेत विभिन्न आरोपों में पांच दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज किये जा चुके हैं।
 

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