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अगस्ता वेस्टलैंड केस: पढ़ें कैसे क्रिश्चियन मिशेल की दलीलों को दुबई की कोर्ट ने सिरे से नकारा था ..

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

संयुक्त अरब अमीरात की अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के मामले में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत में प्रत्यर्पण का आदेश दिया है. बता दें, अदालत के द्वारा जारी किए गए 4 पेज के फैसले की कॉपी रिपब्लिक टीवी के पास मौजूद है. ऑर्डर की कॉपी अरबी भाषा में है जिसके कुछ अंश को हमने हिंदी भाषा में ट्रांसलेट किया है. 

मनी लॉन्ड्रिंग, रिश्वत, अवैध कार्रवाई के लिए भारतीय अधिकारियों को क्रिश्चियन मिशेल को सौंपने का मामला-

Defence: ये एक पॉलिटिकल क्राइम है. जिसमें राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं मुझे इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है. इस मामले में कोई रिश्वत नहीं दी गई है.

Judge: आपके बचाव के लिए ये पर्याप्त नहीं है और इसे खारिज किया जाता है. क्लॉज 10 में .. आरोपी कहता है कि अगर उसे भारत भेज दिया जाता है तो उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाएगा.. इसे खारिज कर दिया है क्योंकि अधिकारियों का उनके प्रति दुर्व्यवहार करने का कोई मकसद नहीं है.

Judge: कोर्ट के पास प्रत्यर्पण का आदेश नहीं देने का कोई कारण नहीं है. इन्होंने इस देश में कोई अपराध नहीं किया है जो इन्हें यहां पर रखा जाए. इन्होंने जहां पर अपराध किया है वहीं पर इन्हें भेजा जाए. 

Judge: इटली का केस अलग है.. उसमें आरोपी के अलावा अन्य लोग शामिल हैं.

Accused Defense: बोस्टन कोर्ट का जजमेंट इस केस के आरोपी नंबर 3985 का साल 2013 के आखिर में बचाव के रूप में पेश किया जा चुका है. 

Judge: हमें कोई जजमेंट नहीं मिला और उससे ये भी स्पष्ट नहीं है कि वो जजमेंट इसी मामले के लिए था या फिर किसी और मामले के लिए. 

इसे भी पढ़ें : अगस्ता वेस्टलैंड केस: दुबई कोर्ट ने बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल के भारत में प्रत्यर्पण का दिया आदेश ..

फैसले की पूरी कॉपी-

बता दें, अगस्ता वेस्टलैंड या चॉपर गेट स्कैम की नींव साल 1999 में हुई थी. जब इंडियन एयर फोर्स ने भारत के VVIP लोगों के लिए पहले 8 हेलीकॉप्टर जो बाद में 12 हो गए थे उसे भारत में लाने की मांग की थी. साल 2010 में 12 हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए अगस्ता वेस्टलैंड के साथ डील हुई थी. हेलीकॉप्टर सौदे में करोड़ों रुपए की दलाली का आरोप लगा है. बता दें, बाद में इस सौदे को भारत की तरफ से रद्द कर दिया था.

रक्षा क्षेत्र से जुड़ी इटली की एक कंपनी जिसका नाम फिनमैकेनिका है बता दें, इसी की सहयोगी कंपनी है अगस्ता वेस्टलैंड. गौरतलब है कि साल 2013 में फिनमैकेनिका और अगस्ता वेस्टलैंड के CEO की गिरफ्तारी हुई थी. इनपर आरोप लगा था कि इन्होंने इस सौदे में घूस दी थी.

वहीं इस पूरे मामले पर भारत के कई नेताओं और अधिकारियों पर भी गाज गिरी थी. इस मामले में पूर्व IAF चीफ एसपी त्यागी को CBI ने साल 2016 में गिरफ्तार भी किया था. वहीं अब इसी मामले में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को दुबई की अदालत ने दोषी ठहराया है और उसे भारत को सौंपने के लिए तैयार है.

क्रिश्चियन मिशेल तीन बिचौलियों में से एक है. ईडी और CBI अन्य दो बिचौलियों गुइडो हाश्के और कार्लो गेरोसा की जांच में भी जुटा हुआ है. दोनों ही एजेंसियों ने कोर्ट के द्वारा नॉन बेलेबल वारंट जारी करने के बाद इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है.

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