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MP:पेंशन की रोक पर बोले आपातकाल के हीरो मोहम्मद- 'कमलनाथ जी हमें जहर दे दो, पेंशन भी बच जाएगी और आपका खजाना भी भर जाएगा.'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:


कमलनाथ की अगुवाई वाली मध्यप्रदेश सरकार ने इमरजेंसी के दौरान मेंटनेंस ऑफ इंटरनल सिक्यॉरिटी एक्ट (MISA) के तहत मिलने वाले पेंशन के भुगतान को रोक दिया है. कमलनाथ सरकार ने फिलहाल मीसा बंदियों की पेंशन अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है. जिसे लेकर बहादुरी के साथ इमरेंजी का सामना करने वाले 77 वर्ष के मोहम्मद अहमद ने कहा कि ये राजनीत बदले की भावना से किया जा रहा है. 

...भीख  मांगने की नौबत आ जाएगी....

आपातकाल के हीरो मोहम्मद ने रिपब्लिक टीवी से एक्सलुसिव बात करते कहा कि, ''ये सब गलत है अगर वो पेंशन बंद कर देगें तो हम भीख मांगगें. हम तो विकलांग है इसलिए हम भीख मांग सकते हैं काम तो कर नहीं सकते.''

मोहम्मद ने कहा आपातकाल के दौरान हमनें बहुत मुसीबत झेली है. हमारे दो बच्चे मारे गए. हमारी वाइफ टीवी की मरीज़ थी. हमारी वाइफ को लेकर अस्पताल गया तो वहां से पर्चियां गायब कर दिया गया.. हमें जेल में बंद रखने के लिए .. लेकिन वहां के एक डॉक्टर थे उन्होंने मेरी मदद की और पर्ची दी और कहा फोटो कॉपी करवा के संभाल के रखो. वरना तुम्हारी पे-रोल बंद हो जाएगी और सरकार फिर से आपको जेल में डाल देगी .. फिर जाकर मैं जेल से बाहर आया था. 


... मुझे लगता था कि मैं जेल से मुर्दा ही बाहार आऊंगा...

उन्होंने कहा जेल में टाइम से खाना नहीं मिलता था. पुरे दिन एक वक्त खाना दिया जाता था और वह भी दो रोटी.. इसके अलावा मीसा वालो को खूब पिटवाया भी गया... जेल के अंदर खूब पिटाईयां हुई है. एक हमारे साथ हर्षद नाम के व्यक्ती थे उनकी तबीयत खराब हुई .... उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया इस दौरान उनका देंहात हो गया. आपातकाल के दौरान हमें बहुत परेशानियां हुई थी. 

हमें 6 महीने तक दो रोटियां खाने को दी जाती थी. हाईकोर्ट में अर्जी लगाई तब जाकर हमें 4 रोटियां खाने को दी गई. हम तो यह सोचते थे कि जेल से जिन्दा नही लौटेंगे मृत ही लौटेंगे. वहां हादसे ही ऐसे होते थे. बीमार हो गए तो दवा नहीं . ज्यादा बोलो तो वहां पर मारपीटाई होती थी. 

....जितनी पेंशन मिलती है दवा ही करा पाता हूं.....

मोहम्मद ने आगे कहा जितनी पेंशन मिलती है, वह भी दवा में खर्च हो जाती है. अब अगर सरकार पेंशन बंद कर देती है तो मुझे भीख मांगने की नौबत आ जाएगी.


....कमलनाथ जी हमें जहर दे दो..

आपातकाल के हीरो मोहम्मद ने आगे कहा मुझे 19 महीनों के लिए जेल में डाला गया था. अब इस फैसले के पीछे कांग्रेस सरकार राजनीतिक बदला निकाल रही है . उन्होंने कहा मैंने कांग्रेस के प्रधानमंत्री के खिलाफ लड़ाई लड़ी इसलिए हमसे बदला लिया जा रहा है. 

ये बदले की भावना है. हम तो कमलनाथ जी से यह कहेगें कि हमें जहर दे दो. जितने भी लोग आपातकाल के दौरान जेल गए है उन्हें जहर दे दो. उनकी पेंशन बच जाएगी और उनका खजाना भी भर जाएगा. इस फैसले में राजनीति और बदले की भावना है . 

यह भी पढ़े- MISA बंदियों की पेंशन पर अस्थाई रोक, BJP ने कमलनाथ को बताया 'चीयरलीडर्स .. 

क्या कहा है सरकार ने आदेश में...

बता दें इमरजेंसी के दौरान मेंटनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट  के तहत पेंशन रोकने को लेकर सरकार का तर्क यह है कि खर्च किया जा रहा पैसा आवंटित बजट से ज्यादा है. इसलिए मीसा की वर्तमान प्रक्रिया को रोक-कर इसे सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा. इसके अलावा लोकतंत्र सैनिकों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा. हालांकि , अब यह सत्यापन से जुड़े आदेश जारी नहीं हुए हैं. कहा जा रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार इसके लिए अलग से आदेश जारी करेगी. 

दरअसल , मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि अगले महीने से सम्मान निधि का वितरण नहीं किया जाएगा. सभी जिलाधिकारी और कमिश्नर जिला कोषालय और लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि वितरण करने वाली सभी संबंधित बैंक शाखाओं को तत्काल अपने स्तर से निर्देशित करें.

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