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केरल नन रेप केस : आरोपी बिशप का वरोध करने वाली चार ननों को कॉन्वेंट से निकाला

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

केरल के बहुचर्चित नन रेप मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल का विरोध करने वाली पांच में चार ननों को ट्रांसफर नोटिस दिया गया है. इन सबको कोट्टम के कॉन्वेंट से बाहर जाने के लिए कह दिया गया. वर्तमान में चारों नन कोट्टायम के पास कुराविलंगड़ के कॉन्वेंट में पीड़िता नन के साथ रह रही हैं. 

बता दें विरोध कि पिछले साल बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर केरल की एक नन ने रेप का आरोप लगाया था. इस मामले में पांच नन पीड़िता के साथ खड़ी रही थी. और आरोपी बिशप के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. साथ ही सभी नन ने मुलक्कल की गिरफ्तारी को लेकर विरोध प्र

विरोध करने वाली सिस्टर अनुपमा , सिस्टर एनसिटा , सिस्टर एल्फी और सिस्टर जॉसफाइन को तुरंत वापस पुराने कॉन्वेंट में जाने को कह दिया गया है.

जानकारी के अनुसार निकाली गई ननों में एक एसआर अनुपमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा , 'यह हमारे खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तरह है और हम मदर जनरल को जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि ‘हम सभी चार नन ट्रांसफर के इस ऑर्डर को स्वीकार नहीं करेंगे और कुराविलंगड़ स्थित कॉन्वेंट में ही रहेंगे .’ यह मामले को खत्म करने और  रेप पीड़िता को अलग-थलग करने के लिए की एक चाल है .

इससे पहले उन्हें ट्रांसफ़र ऑर्डर 2017 और मार्च 2018 को भी दिया गया था.  उस वक्त नन ने यह कहते हुए यहां से जाने से मना कर दिया था कि वो अपने साथी को अकेला नहीं छोड़ सकते. साथ ही कहा था कि ये सब बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बचाने की कोशिश  है. 

बता दें कि नन ने 54 साल के बिशप पर 2014 से 2016 के बीच रेप और अप्राकृतिक सेक्स करने का आरोप लगाया था. जून में कोट्टयाम पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने मई 2014 में कुराविलंगाड़ गैस्ट हाउस में उनका रेप किया और बाद में भी यौन शोषण करते रहे. 

तीन दिनों की पूछताछ के बाद मुलक्कल को पिछले साल 21 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बाद में 24 सितंबर को उन्हें दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था बाद में हाईकोर्ट के आरोपी फ्रैंको मुलक्कल को सशर्त जमानत दे दी थी.


 

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