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YSRC का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने से इनकार

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

वर्ष 2014 के चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) का समर्थन करने वाले मतदाता इस बार हुजूरनगर भी विधानसभा सीट पर निर्यायक भूमिका निभा सकते हैं जहां तेलंगाना कांग्रेस के प्रमुख उत्तम कुमार रेड्डी अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए चुनावी दंगल में हैं . 

सात दिसंबर को तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस हिस्सा नहीं ले रही है . हुजूरपुर सीट पर चुनाव को लेकर वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि उनकी पार्टी के समर्थक कांग्रेस उम्मीदवार उत्तम कुमार रेड्डी का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि कांग्रेस आंध्र प्रदेश के उसके धुर विरोधी तेलुगु देशम पार्टी के साथ तेलंगाना में महागठबंधन में शामिल है और वो तेलंगाना राष्ट्र समिति को वोट देंगे.

उत्तम कुमार रेड्डी ने पिछले चुनाव में हुजूरपुर विधानसभा सीट पर 23 हजार 924 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी . इस बार वह सत्ता विरोधी लहर वह सवार हो कर चुनावी वैतरणी पार करना चाह रहे हैं. 

इससे पहले तेलंगाना में चुनावी रैली में पहुंची संप्रग अध्य़क्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने शुक्रवार को तेलंगाना में टीआरएस प्रमुख और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर  परिवार का शासन चलाने के लिए हमला किया और कहा कि वह राज्य के लोगों की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं. 

कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन करने के लिए शहर के बाहरी इलाके मेडचल में आयोजित एक रैली को राहुल और सोनिया ने आज संबोधित किया . इस दौरान उनके साथ गठबंधन के घटकों तेदेपा, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के नेता भी मौजूद थे .

जून 2014 में राज्य के गठन के बाद यहां पहली बार आयी सोनिया ने आंध्र प्रदेश का विभाजन करने के फैसले के कारण कांग्रेस के समक्ष उत्पन्न समस्याओं को याद किया .उन्होंने कहा कि प्रतिकूल राजनीतिक परिणामों से अवगत होने के बावजूद कांग्रेस आगे बढ़ी और तेलंगाना का गठन किया और उसके बाद के चुनावों में इसकी कीमत चुकाई .

उन्होंने रैली में कहा, "यह (तेलंगाना तैयार करना) एक आसान काम नहीं था। यह कोई छोटा फैसला नहीं था। लेकिन पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी तथा कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना के गठन का फैसला किया . " 

कांग्रेस की मंशा तेलंगाना के गठन में अपनी भूमिका को मौजूदा चुनावों में भुनाना और राव के उस दावे को कमजोर करना चाहती है कि उनके नेतृत्व में लंबे आंदोलन के कारण केंद्र को तेलंगाना का गठन करने पर मजबूर होना पड़ा .

सोनिया गांधी के चुनाव मैदान में उतरने का फैसला स्पष्ट रूप से मतदाताओं की तेलंगाना भावनाओं के लिए अपील करने की कांग्रेस की इच्छा की उपज है. सोनिया ने लंबे समय से चुनावी रैली को संबोधित नहीं किया है .

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री राव ने केवल अपने और अपने करीबी लोगों की देखभाल की है और एक बच्चे (तेलंगाना) को परेशानी में छोड़ दिया . ’’

 

( इनपुट - भाषा से )

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