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किसे मिलेगी राजस्थान की कमान? गहलोत ने कार्यकर्ताओं से की अपील, 'शांति बनाए रखें'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के किले को फतेह तो कर लिया है. लेकिन फिलहाल तीनों ही राज्यों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अभी पार्टी आलाकमान की मुहर नहीं लगी है. हर किसी को इंतजार है कि इन तीनों राज्यों में सीएम आखिर कौन बनेगा. . हर कोई टक-टकी लगाकर बैठा है. कांग्रेस के लिए ये फैसला कर पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है.

CM के चेहरे को लेकर राजस्थान में काफी गहम-गहमी देखी जा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच का दरार किसी से छिपा नहीं है. दोनों ही पार्टी के कद्दावर नेता है. माना जाता है कि दोनों ही नेताओं के पार्टी के भीतर अपने अपने खेमे हैं. पहले भी दोनों ही नेताओं के समर्थकों में पहले भी तना-तनी देखी जा चुकी है.

इस बीच राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा वो सभी को मान्य होगा.

गहलोत ने मीडिया से कहा ‘‘मुख्यमंत्री के बारे में फैसला कभी भी हो सकता है. राहुल गांधी जी सभी लोगों से बात कर रहे हैं और ये अच्छी बात है कि सभी की राय ली जा रही है. जो भी फैसला होगा वो सभी को मान्य होगा.’’

कांग्रेस पार्टी के दो प्रबल दावेदार अशोक गहलोत और सचिन पायलट के नाम में से किसी एक को ही सीएम चुना जाना है. ऐसे में इस बात का फैसला अब जयपुर नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली से होगा. फिलहाल मिल रही ख़बरों के मुताबिक राजस्थान में किसके सिर सेहरा इस बात पर अभी फैसला नहीं पाया है. इसका फैसला राहुल गांधी खुद करेंगे.

इस दौरान गहलोत ने बोला, ‘‘मैं कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें. इस चुनाव में कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है और राहुल गांधी जी ने उनकी मेहनत की सराहना की है.’’ 

बता दें, इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी कार्यकर्ताओं से शांति एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी जो भी फैसला करेंगे, उसका वह स्वागत करेंगे.

पार्टी के दो दिग्गज नेताओं के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बीती मंगलवार रात और पूरे बुधवार को खींचातानी चलती रही. इस गरमा-गरमी के बावजूद अभी तक इस मसले का हल नहीं निकल पाया है. कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक उन्हें राज्य के सीएम पद की कमान देने की मांग पर अड़े हुए हैं. तो वहीं पीसीसी चीफ सचिन पायलट खेमे के समर्थकों ने ये दावा किया है कि विधायक दल की बैठक में पायलट को सीएम बनने के लिए बहुमत मिली है.

जयपुर से दिल्ली इस बात पर सस्पेंस बरकरार है. लाजमी है कि दोनों ही खेमे के नेता अपनी बात मनवाने का दम भर रहे हैं. शायद यही वजह है कि दो में से किसी एक को चुन पाना कांग्रेस पार्टी के आलाकमान के लिए कतई आसान नहीं है. 

गौरतलब है कि राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ था . देर रात तक घोषित परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने 99 सीटें जीती. वहीं BJP ने 73 सीटों पर जीत दर्ज की है. BSP ने 6 और अन्य की झोली में 21 सीटें गई है.

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