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Lok Sabha 2019: सपा-बसपा-RJD के खिलाफ इन सात सीटों पर कांग्रेस नहीं उतारेगी उम्मीदवार

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब कांग्रेस ने ये ऐलान करते हुए कहा कि वो प्रदेश की सात लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतरेगी। ऐसा माना जा रहा है कांग्रेस का ऐलान लोकसभा चुनाव के बाद संभावित गठबंधन के दरवाजे खुले रखने के लिए मददगार साबित हो सकता है। 

यूपी के कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने रविवार को खुद इस बात की तस्दीक की है। उन्होंने बताया कि मैनपुरी, कन्नौज और फिरोजाबाद के साथ ही जिस सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद के अजीत सिंह, जयंत चौधरी जिस भी सीट से चुनाव लड़ेंगे, वहां कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

सपा और बसपा द्वारा अमेठी और राजबरेली की सीट छोड़े जाने को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए बब्बर ने कहा कि उन्होंने हमारे लिए दो सीट छोड़ी हैं। लेकिन हम उनके लिए 7 सीटें छोड़ने जा रहे हैं। इसके अलावा बब्बर ने कहा कि अपना दल (कृष्णा पटेल) को दो सीट गोंडा और पीलीभीत दे रहे हैं।


उन्होंने आगे कहा कि हमने पहले भी महान दल से बात की थी। उन्होंने कहा था कि हम उन्हें जो भी सीटें देते हैं, वे ठीक हैं, वे सभी चाहते थे कि वे विधानसभा चुनाव लड़ें। लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने कहा था कि वे हमारे प्रतीक पर चुनाव लड़ेंगे। हम उनके साथ काम करने का एक तरीका खोज लेंगे।


हमने जन अधिकार पार्टी (JAP) के साथ 7 सीटों पर समझौता किया है, उन 7 में से JAP 5 पर लड़ेगी और हम 2 पर लड़ेंगे। 

बता दें, जन अधिकार पार्टी के संस्थापक बाबू सिंह कुशवाहा हैं । बसपा सरकार के समय वह मंत्री थे और मायावती के करीबी माने जाते थे ।

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