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कांग्रेस आज करेगी मेनिफेस्टो का ऐलान, चुनाव से पहले राहुल ने मानी हार!

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

कांग्रेस आज अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। राहुल गांधी पौने बारह बजे घोषणा पत्र को जारी करेंगे, देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में क्या क्या अहम होगा। किन वादों के साथ कांग्रेस पार्टी मैदान में उतरेगी।

आज विपक्षी पार्टियों के भी कई चुनावी कार्यक्रम हैं। कांग्रेस आज अपना घोषणा पत्र जारी करेगी।

राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले ऐलान किया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गरीबी हटाने के लिए  न्यूनतम आय योजना  शुरू की जाएगी। इसके तहत देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों को प्रति माह 6,000 रुपये दिए जाएंगे।

सबकी नजर कांग्रेस के हवाहवाई वादे पर लगी है, सवाल ये है की कांग्रेस के 72000 के लॉलीपॉप पर आज तस्वीर साफ होगी या नहीं।

लगता है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव से पहले ही हार मान गए हैं और हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी ने कहा कि मोदी को रोकने के लिए चुनाव के बाद गठबंधन किया जा सकता है।

राहुल के इस बयान का सिर्फ एक ही मतलब है राहुल समझ गए हैं कि देश में मोदी लहर है, और विपक्ष के पास ऐसा कोई नेता नहीं है, जो मोदी का मुकाबला कर सके, जो लोग एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, वो चुनाव के बाद साथ आ सकते हैं।

विपक्ष को मोदी से डर लगता है। राहुल से लेकर तेजस्वी तक, उमर अब्दुल्ला से लेकर अखिलेश तक, मायावती से लेकर ममता तक, यानि पूरा विपक्ष मोदी मैजिक से घबराता है। 

बुआ और बबुआ एक हो जाते हैं, एक-दूसरे को दिन-रात कोसने वाले एक मंच पर आकर मुस्कुराते हैं, कहना पड़ेगा, मोदी है तो मुमकिन है।

हर कोई यही सोच रहा होगा कि राहुल गांधी परेशान क्यों हैं। दरअसल वो खुद जमानत पर है, माताजी जमानत पर हैं, और अब जीजाजी को भी जमानत पर जमानत लेनी पड़ रही है। चुनाव के पहले कांग्रेस अकेली पड़ चुकी हैं, उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी ने राहुल को घास नहीं डाली, बिहार में जैसे-तैसे इज्जत बची है, बाकी राज्यों का हाल भी कुछ ऐसा ही है।

अब राहुल कह रहे हैं, चुनाव के बाद गठबंधन करेंगे, मोदी के खिलाफ पूरा विपक्ष एक होगा, यानि कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा होगा, भानुमति का एक कुनबा होगा, कहना पड़ेगा, मोदी है तो मुमकिन है।

राहुल का चुनाव के बाद गठबंधन करने का बयान बताता है कि देश में मोदी लहर जारी है, कांग्रेस को मोदी की जीत का अहसास हो गया है, और इसलिए राहुल चाहते हैं कि जनता को एक बार फिर धोखा दिया जाए।

जिनके खिलाफ चुनाव लड़ा है, कांग्रेस उनसे हाथ मिलाने को तैयार है, यानि चुनाव के बाद राहुल गांधी को ममता बनर्जी के शासन में कोई खोट नजर नहीं आएगा, जैसा अभी आ रहा है।

पानी-पीकर गाली देने वाली मायावती फिर राहुल को अच्छी लग सकती हैं, समझौते की भीख मांगने वाले केजरीवाल को दुत्कारने वाले राहुल फिर केजरीवाल से गले मिल सकते हैं, यानि चुनाव के बाद मोदी को रोकने के लिए राहुल कुछ भी कर सकते हैं, जमीर को मार सकते हैं, विचारधारा का सौदा कर सकते हैं, देश को धोखा सकते हैं।

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