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भारतीय चुनावों की निष्पक्षता, ईमानदारी पर भरोसा है: अमेरिका

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

अमेरिका ने कहा है कि उसे भारतीय चुनावों की निष्पक्षता एवं ईमानदारी पर पूरा भरोसा है और चाहे जो भी जीते वह उसके साथ मिलकर काम करेगा।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्तागस ने वॉशिंगटन में कहा, ‘‘मैं अमेरिका के नजरिए से कहूंगी कि हमें भारतीय चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी एवं निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है और चाहे कोई भी जीते या जो भी परिणाम आए, हम उनके साथ मिलकर काम करेंगे।’’ 

अमेरिका, भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र साख के कारण अन्य देशों के अपेक्षा भारत में अपने पर्यवेक्षक नहीं भेजता है।

ओर्तागस ने कहा, ‘‘हमारे भारत सरकार के साथ बहुत मजबूत संबंध हैं। (अमेरिका के) विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कई बार कहा है कि हम भारत के सच्चे सामरिक साझीदार हैं।’’ 

उन्होंने इतनी बड़ी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए भारत और उसके लोगों की प्रशंसा की है। ‘‘किसी ने मुझे आज बताया कि भारत की चुनाव प्रक्रिया मानव इतिहास में सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।’’ 

बता दें, लोकसभा की 543 में 542 सीटों पर चुनाव के लिये सात दौर की मतगणना शुरू हो गई है। सात चरण के मतदान के बाद 542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज होगा। तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था।

तदान के बाद आये एक्जिट पोल के अधिकतर नतीजों में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फिर से सत्ता में आने की संभावना जतायी गयी है। हालांकि विपक्षी दलों ने एक्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुये कांग्रेस सहित अन्य दलों की मौजूदगी वाले गठबंधन की सरकार बनने का दवा किया है। 

लोकसभा चुनाव के लिये 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में हुये मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है।

चुनाव आयोग ने अभी तक बृहस्पतिवार को होने वाली मतगणना के केन्द्रों की संख्या उपलब्ध नहीं कराई है। 

प्रक्रिया के मुताबिक, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी।

ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है। इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल के जवान शामिल हैं जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं।

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