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सुप्रीम कोर्ट ने EC को दिए निर्देश, हर क्षेत्र में एक की जगह 5 VVPAT की पर्चियों का हो मिलान

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

चुनाव आयोग ने कहा है कि मतगणना के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केन्द्रों की वीवीपीएटी मशीनों की पर्ची का मिलान ईवीएम के मतों से करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू किया जायेगा। 

न्यायालय ने 50 प्रतिशत वीवीपीएटी की पर्चियों का मिलान ईवीएम के मतों से करने की विपक्षी दलों की याचिका पर सोमवार को फैसला सुनाते हुये आयोग को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केन्द्र के बजाय पांच मतदान केन्द्रों की पर्ची का मिलान करने का आदेश दिया है। 

आयोग ने अदालत में मौजूदा व्यवस्था को ही बहाल रखने का अनुरोध किया था। आयोग की दलील थी कि मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ाने से मतगणना में बहुत अधिक समय लगेगा साथ ही इसके लिये मतदान में लगने वाले मानव संसाधन को भी बढ़ाना होगा। 

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये आयोग की प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आयोग उच्चतम न्यायालय के फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिये हरसंभव उपाय करेगा।’’ 

उल्लेखनीय है कि यह फैसला सुनाने वाली पीठ की अध्यक्षता कर रहे उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने भी याचिकाकर्ता 21 विपक्षी दलों की 50 प्रतिशत वीवीपीएटी मशीनों की पर्चियों का मिलान करने की मांग से असहमति जतायी। उन्होंने कहा कि इसके लिये अत्यधिक मात्रा में कर्मचारियों को तैनात करना होगा, जो कि व्यावहारिक नहीं है। 

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने न्यायालय के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुये कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया के प्रति मतदाताओं में विश्वास बहाली के प्रयासों को बल मिलेगा। कुरैशी ने 50 फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने पर चुनाव परिणाम में देरी होने की आयोग की दलील को गलत बताया। 

बता दें मौजूदा वक्त में चुनाव आयोग प्रत्येक क्षेत्र से कोई एक ईवीएम चुनकार उसकी पर्चियों का मिलना करता है। फिलहाल देश में कुल 10.35 लाख पोलिंग स्टेशन हैं।  औसतन एक असेंबली सीट में 250 पोलिंग स्टेशन । चुनाव आयोग के अनुसार एक पोलिंग स्टेशन पर वीवीपैड काउंटिंग में फिलहाल एक घंटे का वक्त लगता है। लेकिन अगर इसे 50 फिसदी तक बढ़ाया गया तो इसमें औसतन 5.2 दिन लगेंगे।

याद दिला दें कि विपक्षी दलों की तरफ से सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंधवी ने याचिका दायर की थी।  उन्होंने कहा था कि ऐसे करने से चुनाव परिणाम की घोषणा में पांच - छह घंटो की ही देरी होगी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। 

(इनपुट-भाषा से भी )

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