Elections

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की स्थिति की जानकारी मांगी....

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा उनसे संबंधित उच्च न्यायालयों को जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित और ताजा आपराधिक मामलों की स्थिति के बारे में अद्यतन जानकारी पेश करने के लिए दो और हफ्तों का समय दिया.

36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से सिर्फ 16 ने अब तक अपने जवाब दायर किए हैं.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह राज्य सरकारों के जवाबों की प्रतीक्षा नहीं करे और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष अतिरिक्त अदालतों की स्थापना की खातिर आधारभूत ढांचा और अन्य सुविधाएं मुहैया कराए.

यह भी पढ़ें- केरल के मुख्यमंत्री ने इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपए दिए

इस पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल हैं.

इस बीच पीठ ने वरिष्ठ वकील विजय हंसरिया को न्यायमित्र (अमीकस क्यूरी) नियुक्त किया और उनसे सांसदों तथा विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक उपायों पर एक सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा.

भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दिनेश द्विवेदी ने दोषी नेताओं पर जीवन भर का प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर विस्तृत सुनवाई का अनुरोध किया. उपाध्याय ने जनहित याचिका दायर की है.

यह भी पढे़ं- नितिन गडकरी के बयान पर राहुल गांधी का तंज- कांग्रेस नहीं करेगी झूठे वादे, जो कहेंगी वो करके दिखाएगी

पीठ ने कहा कि वह इस पहलू पर नवंबर में सुनवाई कर सकती है.

इससे पहले न्यायालय ने 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा उच्च न्यायालयों से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की स्थिति के बारे में "पूर्ण और पूरी तरह से अद्यतन जानकारी" देने को कहा था.

यह भी पढें- अनुच्छेद 35A : कांग्रेसी नेता जीए मीर बोले, 'मोदी सरकार बताएं कि वो जम्मू- कश्मीर में चुनाव चाहती है या सिर्फ एक चीज'

सरकार के हलफनामे के अनुसार विशेष अदालतों में 1233 मामले स्थानांतरित किए गए जबकि 136 मामलों का निपटारा किया गया और 1,097 मामले लंबित हैं. 2014 में सांसदों और विधायकों के खिलाफ 1581 आपराधिक मामले लंबित थे.

(इनपुट- भाषा)

DO NOT MISS