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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में रहना है या नहीं? राजभर की पार्टी एक अप्रैल की बैठक के बाद लेगी फैसला

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में भागीदार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) सरकार में बने रहने और लोकसभा चुनाव की रणनीति को लेकर अपने फैसले का खुलासा आगामी एक अप्रैल को होने वाली बैठक के बाद करेगी।

सुभासपा के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के पुत्र अरुण राजभर ने आज यहां 'भाषा' को बताया कि दल के कार्यकर्ताओं की एक बैठक एक अप्रैल को लखनऊ में होगी।

इस बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव की रणनीति और योगी सरकार में बने रहने को लेकर सुझाव लिये जाएंगे। उसके बाद पार्टी कोई फैसला करेगी।

भाजपा पर हमला करते हुए राजभर ने कहा कि भाजपा घमंड में चूर है तथा उसे गलतफहमी है कि केंद्र में फिर उसकी सरकार बनने जा रही है। भाजपा को लोकसभा चुनाव के बाद अपनी गलती का एहसास होगा।

उन्होंने दावा किया कि सुभासपा का जनाधार और लोकप्रियता निषाद पार्टी की तुलना में कहीं ज्यादा है। यह पिछले चुनाव में दोनों दलों को मिले मतों की संख्या से भी जाहिर होता है।

उल्लेखनीय है कि सुभासपा ने वर्ष 2017 में हुए प्रदेश की आठ विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से उसे चार पर जीत मिली थी।

5 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है सुभासपा

इससे पहले राजभन ने ऐलान किया था कि वो पांच सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती और ऐसी ना होने की सूरत में वो गठबंधन से अगल हो जाएगी।

राजभर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हम बीजेपी के सहयोगी दल हैं, लेकिन गठबंधन की दूसरी पार्टी अपना दल को सीट दे दी गई हैं और हमसे बात तक नहीं की जा रही है। हमने बीजेपी से कही, घोसी, अंबेडकरनगर जौनपुर, चंदौली, मछलीशहर या लालपुर पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। लेकिन उनकी तरफ से कुछ जवाब नहीं आया। बीजेपी हमसे बात तो करें, वो बताएं कि वो हमें कितनी सीट देने को तैयार है।

उन्होंने आगे बीजेपी को कल तक सीट बंटवारे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि बीजेपी सीट देना चाहें तो दे वरना कल तक हम गठबंधन से अगल हो जाएंगे। हम बीजेपी के एजेंट तो नहीं हैं, एक स्वतंत्र पार्टी हैं, किसी भी तरफ जा सकते हैं।

(इनपुट- भाषा)

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