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मेरे विदेशी दौरों के कारण भारत के सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर स्वीकारा गया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेशी दौरों को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए बुधवार को दावा किया कि उनकी कई विदेशी यात्राओं के कारण ही भारत के सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर स्वीकारा गया।

विपक्ष यह कहकर मोदी की आलोचना करता रहा है कि वह प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में देश के बजाए विदेश में अधिक देखे गए। 

अपनी इस आलोचना पर मोदी ने दावा किया कि पांच साल पहले की ही बात है जब भारत के लिए अपनी बात रखना मुश्किल होता था, लेकिन अब दुनिया उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने बीरभूम जिले में यहां एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘मैंने कहीं पढ़ा कि दीदी (ममता बनर्जी) ने कहा है कि इस ‘चायवाले’ ने पांच साल में केवल विदेशों को दौरा किया, लेकिन भारत के सामर्थ्य को इन्हीं दौरों के कारण हर जगह स्वीकारा गया।’’ 

मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस किसी की पार्टी 20 या 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वह भी प्रधानमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘सब घुंघरू बांधकर तैयार हो गए।’’ 

मोदी ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रयासों के लिए निर्वाचन आयोग का धन्यवाद किया और आरोप लगाया, ‘‘दीदी, केवल इसी कारण चुनाव आयोग से खफा हैं।’’ 

उन्होंने यह भी दावा किया कि तीन चरणों के चुनावों के बाद आयी खबरों से यह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में दीदी का ‘‘सूर्यास्त होने वाला’’ है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘अगर दीदी के पास गुंडों की ताकत है तो हमारे पास लोकतंत्र की शक्ति है।’’ 

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के लिए पीएम श्रम योगी मानधन योजना बनाई है। इस योजना में 60 साल के बाद श्रमिक भाई-बहनों को हर महीने पेंशन मिलेगी। मजदूरों के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी ने कभी असंगठित मजदूरों की पेंशन के लिए नहीं सोचा । 

उन्होंने कहा भाजपा एक मजबूत, लेकिन संवेदनशील सरकार के पक्ष में रही है। बीते पांच वर्षों में हमने इसी भावना के साथ सरकार चलाई है। आपकी सेवा की है। हमने एक तरफ राष्ट्रहित में कड़े फैसले लिए हैं तो वहीं सामान्य मानवी के जीवन को सुरक्षा कवच देने वाली योजनाएं बनाई हैं।

(इनपुट - भाषा से )