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कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का ऐलान - 'लोकसभा चुनाव 2019 से पहले जेडीएस के साथ कांग्रेस बनाएगी गठबंधन'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

कर्नाटक के तीन लोगसभा और दो विधानसभा सीटों के नतीजे लगभग साफ होने लगे हैं. लोकसभा की दो सीटों पर कांग्रेस - जेडीएस गठबंधन बड़े अंतर से जीत दर्ज करता हुआ नजर आ रहा है. जबकि एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार जीत के करीब है. 


कर्नाटक के पूर्व सीएम सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने  रिपब्लिक टीवी से एक्सलुसिव से बात की. बेंगलुरू में रिपब्लिक टीवी की पत्रकार पूजा प्रसन्ना से बात करते हुए सिद्धारमैया ने बेल्लारी में कांग्रेस उम्मीदवार बीएस उग्रप्पा की जीत पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए दिवाली की शुभकामनाएं दी.

सिद्दारमैया ने कहा '' मतदाताओं और इलाके के जनता ने कांग्रेस- जेडीएस को वोट दिया है. हमारे उम्मीदवारों ने बड़े मार्जिन के साथ जीत कर आए है. 

सिद्धारमैया ने कहा कि ''नरक चतुर्दशी के मौके पर बेल्लारी की जनता अंधाकार से उजाले की तरफ बढ़ी है. बेल्लारी में कांग्रेस के वीएस उग्रप्पा बीजेपी की जे शांता से बड़े मार्जिन से आगे चल रहे हैं. इसका कारण यह है कि देश के लोग नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार से तंग आ गए हैं. जो अपने वादों को निभाने में असफल रहे. उन्होंने कई बार बयान दिया कि ''मैं चौकीदार हूं'' लेकिन अब वह सभी घोटाले में मिले हुए हैं. ''

रिपब्लिक टीवी ने सिद्धारमैया से सवाल दागा कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और जेडीएस के बीच चुनाव से पहले गठबंधन होगा. इसपर हामी भरते हुए उन्होंने कहा कि , ' लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस जेड़ीएस के साथ गठबंधन बनाएगी.'

उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले सिट शेयरिंग के फॉर्म्युले के बारे में जानकारी देने साफ इनकार कर दिया. 

वहीं उपचुनाव नजितों की बात करे तो यहां बेल्लबारी सीट पर बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस उम्मदीवार बीएस उग्रप्पा ने जीत दर्ज की है. वहीं जामखंडी विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस के आनंद न्यामा गौड़ा ने 39,480 वोटों से जीत दर्ज की है. इसके अलावा रामगनर विधानसभा सीट पर लोकसभआ सीट पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमार स्वामी ने 1,09,139 वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की है. मांड्या लोकसभा सीट पर जेडीएस निर्णायक जीत के करीब है. वहीं शिमोगा लोकसभा सीट पर बीजेपी के बीवाय राघवेंद्र बढ़त बनाए हुए हैं. 

बता दें कि इस उप चुनाव को कांग्रेस - जेडीएस का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. इसके नतीजों का सीधा असर 2019 के लिए कर्नाटक की सियासी जोड़ - तोड़ पर पड़ सकता है.

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