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PM मोदी का राहुल गांधी पर हमला, कहा- UPA समय में रक्षा सौदों में राहुल के बिजनेस पार्टनर को पहुंचाया गया फायदा

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

राहुल गांधी का महाघोटाला। जी हां रिपब्लिक भारत की खबर के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। ‘’चौकीदार को चोर’ कहने वाले राहुल गांधी का वो राज खुल गया है जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। राहुल गांधी पर यूपीए सरकार के दौरान 2011 में हुए स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौदे के ज़रिेए अपने दोस्तों और करिबीयों को फायदा पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं । इस खुलासे के बाद राहुल गांधी चुप हैं। कांग्रेस कह रही है कि सरकार चाहे तो जांच करवा ले, राहुल ने कुछ गलत नहीं किया है।

क्या राहुल गांधी ने स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौदे में दलाली खाई। ये सवाल इसलिए क्योंकि स्कॉर्पीन पनडुब्बी घोटाले के तार सीधे राहुल गांधी से जुड़ गए हैं। स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौदे के आठ साल बाद राहुल का ये राज खुला है। आपके चैनल रिपब्लिक भारत ने आज सबसे पहले ये खबर दिखाई। और हमारी खबर के बाद देश में राजनीतिक तूफान आ गया। राहुल गांधी बीजेपी के निशाने पर आ गए।

मोदी ने प्रतापगढ़, अमेठी और सुलतानपुर में राजग प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित रैली में कहा, ‘‘आज सुबह ही मैं पढ़ रहा था कि कांग्रेस की सरकार के वक्त राहुल के कारोबारी साझीदार को कैसे रक्षा सौदों में शामिल किया गया था। मीडिया में आयी रिपोर्ट बहुत से सवाल खड़े कर रही है। जब सवाल उठता है तो वे लोग जांच कराने की बात करते हैं मगर तमाम नोटिस के बावजूद जांच अधिकरण में पेश नहीं होते। ऐसे मामलों में एक नागरिक के कर्तव्य के रूप में 'यह परिवार' कोई सहयोग नहीं करता है।’’

फिर क्या चौकीदार चोर का नारा बुलंद करने वाले राहुल गांधी चारों तरफ से घिर गए हैं। राहुल के नागरिकता के विवाद के बीच वो खबर आई है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है..क्या राहुल गांधी ने रक्षा सौदे में घोटाला किया। क्या राहुल गांधी ने 2011 में हुए स्कॉर्पीन पनडुब्बी के सौदे में अपने दोस्त के जरिये दलाली खाई। चौकीदार चोर है का नारा बुलंद करने वाले राहुल गांधी खुद रक्षा सौदे में दलाली के आरोपों में घिर गए हैं।

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी ट्वीट करके कांग्रेस सरकार में हुए इस रक्षा सौदे को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।  शाह ने इस खबर को टैग करते हुए ट्वीट किया, “राहुल गांधी के ‘मिडास टच’ के साथ कोई भी सौदा बहुत ज्यादा नहीं है। जब वह सत्ता में थे, उनके कारोबारी साझेदार फायदा उठा रहे थे। इससे फर्क नहीं पड़ता कि भारत को इसका परिणाम भुगतना पड़े।” 

स्कॉर्पीन पनडुब्बी घोटाले को लेकर जो खुलासा हुआ है वो वाकई चौंकाने वाला है। राहुल ने अपने जिस दोस्त के साथ मिलकर ब्रिटेन में कंपनी खोली थी उस दोस्त का सीधा संबंध उस कंपनी से है जिसे पनडुब्बी सौदे में हिस्सेदारी मिली। राहुल के पार्टनर उलरिक मैकनाइट की। सहयोगी कंपनी को फ्रांसीसी कंपनी नेवल ग्रुप से स्कॉर्पीन सबमरीन सौदे का ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट मिला।  फ्रांस का नेवल ग्रुप रक्षा सामान की सप्लाई करता है। नेवल ग्रुप को भारत में 6 पनडुब्बी सप्लाई करने का ठेका मिला है।

इस पूरे खेल में सबसे चौंकने वाली बात ये है कि राहुल के दोस्त की हिस्सेदारी वाली वो दोनों कंपनियां  डिफेंस से जुड़ा कोई काम नहीं करती थी। दोनों कंपनियों का प्लास्टिक का कारोबार था और दोनों ही कंपनियां घाटे में चल रही थीं। लेकिन बावजूद इसके इन कंपनियों को पनडुब्बी के कल पुर्जे बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।

इस पूरे घोटाले की साजिश दिल्ली से लेकर लंदन तक रची गई। ब्रिटेन में राहुल ने दोस्त उलरिक के साथ मिलकर जो कंपनी खोली थी उस कंपनी ने ना तो किसी सामान के उत्पादन का कोई काम किया ना ही कंपनी किसी तरह के सामान की खरीद बिक्री करती थी। बेकॉप्स नाम की ये कंपनी लाइजिनिंग का काम करती थी। मतलब अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कंपनियों को ठेका दिलवाने का काम। आम भाषा में कहें तो ये कंपनी बड़ी बड़ी कंपनियों के लिए दलाली करती थी। उन्हें ठेका दिलवाती थी।

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