Elections

राहुल गांधी ने PM मोदी की देशभक्ति पर उठाए सवाल, पूछा-क्यों वह चीन के सामने चुप रहे

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

ईटानगर-चुनाव के मौसम में राष्ट्रवाद का मुद्दा छाए रहने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बैठक के दौरान उन्होंने भारत की ‘क्षेत्रीय अखंडता’ का मुद्दा नहीं उठाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले जब अपने गृह राज्य गुजरात में चीनी राष्ट्रपति शी की मेजबानी की थी तो प्रधानमंत्री ने सीमा मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोला।

गांधी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘भारत में शी चिनफिंग के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को उनके साथ चाय पीते देखा गया और उन्होंने सीमा विवाद पर एक शब्द भी नहीं कहा। यहां तक कि उन्होंने (मोदी ने) अपनी चीन यात्रा के दौरान कभी भी डोकलाम मुद्दे को नहीं उठाया।’’ 

भारत और चीन अरुणाचल प्रदेश को लेकर लंबे समय से विवाद में उलझे हुए हैं। इसको लेकर अक्सर दोनों देशों की सेना एक-दूसरे के भूभाग में घुसपैठ कर जाती है।

जून 2017 में चीन और भारत के बीच सैन्य गतिरोध पैदा हो गया क्योंकि चीनी सैनिकों ने डोकलाम में सड़क बनाने का प्रयास किया और भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। 

गांधी ने रैली में कहा, ‘‘वह (मोदी) खुद के देशभक्त होने का दावा कैसे कर सकते हैं जब उन्होंने देश की क्षेत्रीय अखंडता का मुद्दा नहीं उठाया। देश को ऐसे देशभक्तों की जरुरत नहीं है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश के लोग अधिक देशभक्त हैं क्योंकि वे पूरे जोश-खरोश के साथ देश के भूभाग की रक्षा कर रहे हैं।’’ 

गांधी ने कहा कि मोदी ने लंबित सीमा विवाद के मुद्दे पर ‘बिना किसी एजेंडा’ के चीन की यात्रा की थी।

बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र में जब जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने वाले प्रस्ताव की राह में एकबार फिर से रोड़ा अटका दिया तो कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल में अपने ट्वीट में कहा था, ‘कमजोर मोदी शी से डरे हुए हैं। जब चीन भारत के खिलाफ कदम उठाता है तो उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है... ‘मोदी की चीन कूटनीति : गुजरात में शी के साथ झूला झूलना, दिल्ली में गले लगाना, चीन में घुटने टेक देने की रही।’ 

कांग्रेस अध्यक्ष ने एकबार फिर अपने आरोपों को दोहराया कि जब पुलवामा में आतंकवादी हमले में 40 जवान शहीद हुए तो प्रधानमंत्री ने उस वक्त कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक वृत्तचित्र की शूटिंग जारी रखी।

अरुणाचल प्रदेश में कुछ समुदायों को स्थायी निवास का प्रमाण पत्र दिये जाने के खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों के हाल में मारे जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस गोलीबारी की कोई जरुरत नहीं थी। बिना कठोर कार्रवाई के इस मुद्दे का समाधान किया जा सकता था।’’ 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की उसके खिलाफ खड़ा होने वालों को दबाने की ‘प्रकृति’ है।

गांधी ने प्रधानमंत्री को ‘अहंकारी’ नेता बताया, जो दावा करते हैं कि 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद ही भारत जगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्हें (मोदी को) देश की क्षमता की जानकारी नहीं है।’’ 
 

DO NOT MISS