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स्मृति का अटैक, कहा- ''राहुल ने 15 साल तक अमेठी को धोखा दिया, किया अपमान''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

ये वक्त बेहद ही ऐतिहासिक है, ये वक्त देश की राजनीति का वो दौर है जो आने वाले 5 सालों के लिए सत्ता के सबसे बड़े सिंहासन का चुनाव करने वाला है। इस सिंहासन पर विराजमान होने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां ललायित रहती हैं, लेकिन देश की बागडोर इतनी आसानी से नहीं संभाली जाती है। इन दिनों होने वाले चुनाव से देश की जनता अपने कर्ताधर्ता को चुनने के लिए वोट करेगी।

सियासत की सबसे बड़ी कुर्सी के लिए चुनाव के बीच सभी राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर हमला करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस बीच स्मृति ईरानी आज से 2 दिनों के अमेठी दौरे पर हैं और राहुल गांधी आज को ही वायनाड से नामांकन भरने वाले हैं। 

इस बीच बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ने कांग्रेस अध्यक्ष के वायनाड से चुनाव लड़ने को लेकर राहुल पर करारा वार किया है और आरोप लगाया है कि राहुल ने 15 साल तक अमेठी को धोखा दिया।

स्मृति ईरानी का कहना है, ‘‘जिस अमेठी को 15 साल तक लापता सांसद को झेलना पड़ा। जिस अमेठी की व्यवस्थाओं को छिन्न-भिन्न किया उस सांसद ने,  आज उसी अमेठी की सेवा में, उसी अमेठी को सशक्त करने के लिए राष्ट्रीय संगठन ने मुझे दायित्व दिया है। ये अपने आपव में बहुत बड़ा संकेत है। कि जिस व्यक्ति ने अमेठी के कंधे पर चढ़कर सत्ता 15 साल तक भोगी वो व्यक्ति आज अमेठी छोड़कर किसी और लोकसभा क्षेत्र में अपना पर्चा भरने जा रहा है। अमेठी का ये अपमान और अमेठी से ये धोखा, अमेठी की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।’’

केंद्रीय मंत्री ने सीधे तौर पर ये कह दिया कि वायनाड जाकर राहुल ने अमेठी का अपमान किया है। उन्होंने वायनाड के लोगों से ये अपील भी की है कि वो राहुल की बातों में ना आएं।

गौरतलब है कि 4 पीढ़ियों से कांग्रेस का अभेद्य किला अब दरकने लगा है, इसका सबसे बड़ा सबूत है राहुल गांधी का वायनाड से चुनाव लड़ना।

दशकों तक अमेठी ने गांधी परिवार को निर्विरोध संसद तक पहुंचाया। ऐसे में राहुल गांधी का अमेठी से पलायन 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस के खाते में दर्ज होने वाली पहली हार की तरह है।

बीएसपी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे अमेठी में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेंगे। 

ऐसे में आखिरकार ऐसा क्या है जो राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में परिवार की अपनी पारंपरिक सीट से किनारा करके सुदूर दक्षिण में केरल की पहाड़ियों के बीच बसे वायनाड में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाने को मजबूर कर रहा है।

बीते चुनाव में भी राहुल गांधी को स्मृति ईरानी से काफी कड़ी टक्कर मिली थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने बीजेपी की ईरानी को 1.07 लाख वोटों से हराया था, जबकि आम तौर पर गांधी परिवार की जीत का अंतर 5 लाख वोटों से ज्यादा का रहता था।

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